रात के अंधेरे में सागौन तस्करी नाकाम, वन विभाग ने लकड़ी से भरी पिकअप जब्त, तस्कर जंगल में फरार..

मुखबिर की सूचना पर रामानुजनगर में रात तीन बजे घेराबंदी, चार सागौन के लट्ठे बरामद; फरार तस्करों की तलाश तेज..

रायपुर/सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में वन संपदा की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग को एक और बड़ी सफलता मिली है। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर वन परिक्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त के दौरान वन अमले ने अवैध रूप से सागौन की लकड़ी ले जा रही एक पिकअप वाहन को जब्त कर लिया। हालांकि वन विभाग की कार्रवाई की भनक लगते ही तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले। विभाग ने वाहन और उसमें लदे सागौन के लट्ठों को जब्त कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में अवैध कटाई और काष्ठ तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 2 अगस्त की रात मुखबिर से सूचना मिली कि रामानुजनगर वन परिक्षेत्र के रास्ते अवैध रूप से सागौन की लकड़ी का परिवहन किया जा रहा है।

सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी पूजा यादव के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई। वनकर्मियों ने पूरी रात संदिग्ध वाहनों पर नजर रखी और जंगल से निकलने वाले रास्तों पर घेराबंदी कर दी।

3 अगस्त की सुबह करीब तीन बजे वन विभाग की टीम परिसर छिंदिया क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान जंगल की ओर से एक पिकअप वाहन आता दिखाई दिया। वाहन की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर वनकर्मियों ने उसे रोककर तलाशी ली। जांच में वाहन क्रमांक CG-15 AC-1294 में सागौन के चार बड़े लट्ठे लदे मिले।

वन अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान वाहन में मौजूद लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। टीम ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर चालक से सागौन लकड़ी के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज और परिवहन अनुज्ञप्ति (पास) मांगी, लेकिन वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

दस्तावेज नहीं मिलने पर वन विभाग ने पिकअप वाहन और उसमें लदे सागौन के लट्ठों को जब्त कर भारतीय वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया। जब्त वाहन और लकड़ी को सुरक्षित अभिरक्षा में रामानुजनगर वन परिक्षेत्र कार्यालय में रखा गया है।

वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि सागौन की लकड़ी कहां से काटी गई थी, इसे कहां ले जाया जा रहा था और इस अवैध तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। फरार आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इस कार्रवाई में वनरक्षक राहुल साहू, सुनील कुमार और बिजेश्वर सिंह ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग ने पूरी टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इसी सक्रियता के कारण बड़ी मात्रा में कीमती सागौन की लकड़ी की तस्करी नाकाम हो सकी।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में वन संपदा की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अवैध कटाई, लकड़ी तस्करी और वनोपज के अवैध परिवहन के खिलाफ रात्रिकालीन गश्त, मुखबिर तंत्र और विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। विभाग ने चेतावनी दी है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।