टाइगर रिजर्व में अवैध सागौन पर बड़ी कार्रवाई, पंचायत सचिव के घर से लकड़ी और तैयार फर्नीचर जब्त..

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की टीम ने सर्च वारंट के आधार पर की छापेमारी, सागौन के 15 चिरान और दो पलंग पाटे बरामद; वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज..

गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध लकड़ी के कारोबार पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ग्राम पंचायत सचिव के घर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान घर से सागौन की इमारती लकड़ी के 15 चिरान और उसी लकड़ी से बने दो पलंग पाटे बरामद किए गए। वन विभाग ने पूरी सामग्री जब्त कर भारतीय वन अधिनियम और काष्ठ चिरान अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वन विभाग के अनुसार, मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक गुरूनाथन एन. तथा उप संचालक वरुण जैन के निर्देशन में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन अपराधों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मिली गोपनीय सूचना के आधार पर सहायक संचालक गोपाल कश्यप द्वारा जारी सर्च वारंट के अनुसार 4 अगस्त 2026 को ग्राम इंदागांव में कार्रवाई की गई।

वन विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम इंदागांव निवासी एवं ग्राम पंचायत कोयबा के सचिव मनोज कुमार साहू के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर में सागौन की लकड़ी के 15 चिरान तथा उसी लकड़ी से तैयार किए गए दो पलंग पाटे अवैध रूप से रखे मिले। बरामद लकड़ी और फर्नीचर का कुल आयतन 0.367 घनमीटर बताया गया है।

वन अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के पास लकड़ी के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद ग्राम इंदागांव के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पूरी सामग्री को विधिवत जब्त कर लिया गया।

वन विभाग ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान अधिनियम, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि सागौन की लकड़ी कहां से लाई गई, उसकी अवैध कटाई किस स्थान पर हुई और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भी संलिप्तता है या नहीं।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध कटाई, लकड़ी के भंडारण और वन संपदा की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग का कहना है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ बिना किसी रियायत के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में परिक्षेत्र अधिकारी सुशील कुमार सागर, चन्द्रबली ध्रुव, राकेश सिंह परिहार, वनरक्षक मनोज ध्रुव, वीरेंद्र कुमार ध्रुव, टकेश्वर देवागन, रुस्तम यादव, रामकृष्ण साहू, जय ललिता ध्रुव, पामेश्वरी, देवीसिंह यादव, पुनीत राम ध्रुव, जानकी बाई ठाकुर सहित इंदागांव (धुरवागुड़ी) बफर और दक्षिण उदंती परिक्षेत्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।