विश्वेश्वरैया की जयंती पर समारोह, तकनीकी दक्षता और जनसेवा की भावना से काम करने का आह्वान..

जांजगीर-चांपा। भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर 15 सितंबर को अभियंता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन जिला समिति जांजगीर एवं फोरम ऑफ रिटायर्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स के संयुक्त तत्वावधान में सिंचाई निरीक्षण गृह, जांजगीर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में इस वर्ष सेवानिवृत्त हुए अभियंताओं का सम्मान कर उनके विभागीय योगदान और लंबे अनुभव को याद किया गया।
समारोह की शुरुआत पीडब्ल्यूडी अनु विभागीय कार्यालय परिसर और सिंचाई निरीक्षण गृह परिसर में स्थापित सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद सभागार में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इंजी. शशांक सिंह, कार्यपालन अभियंता तथा अध्यक्ष इंजी. बिंदेश्वर सिंह पैकरा, कार्यपालन अभियंता उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता इंजी. रामफल साव और सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता इंजी. आर.एस. छत्रिय ने शिरकत की।
सेवानिवृत्त अभियंताओं को किया सम्मानित..
समारोह में इस वर्ष सेवानिवृत्त हुए अभियंताओं का सम्मान किया गया। आयोजन समिति की ओर से उनके कार्यकाल में विभाग और समाज के लिए किए गए योगदान को स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी विभाग की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने में वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुभव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका अनुभव और मार्गदर्शन नई पीढ़ी के अभियंताओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
कार्यक्रम में इंजी. आदित्य प्रताप, इंजी. योगेश कुमार राठौर, इंजी. शशांक सिंह, इंजी. रामफल साव, इंजी. आर.एस. छत्रिय, इंजी. बी.एल. नागवंशी, इंजी. एम.के. खुल्लर, इंजी. युवराज सिंह सहित बड़ी संख्या में विभागीय अभियंता उपस्थित रहे।
विश्वेश्वरैया के योगदान को किया याद..
कार्यक्रम के दौरान भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जीवन और अभियंत्रण के क्षेत्र में उनके योगदान पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि विश्वेश्वरैया ने तकनीकी सोच, अनुशासन और कार्य के प्रति समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके योगदान ने देश में इंजीनियरिंग और विकास की दिशा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वक्ताओं ने कहा कि सड़क, भवन, सिंचाई, जल प्रबंधन और अन्य विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में अभियंताओं की अहम जिम्मेदारी होती है। उन्होंने अभियंताओं से तकनीकी दक्षता के साथ ईमानदारी और जनसेवा की भावना को प्राथमिकता देते हुए कार्य करने का आह्वान किया।
नई पीढ़ी को अनुभव से सीख लेने का संदेश..
समारोह में वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त अभियंताओं के अनुभव को नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि तकनीक लगातार बदल रही है, लेकिन अनुभव, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना का महत्व हमेशा बना रहेगा। वरिष्ठ अभियंताओं के अनुभव से सीख लेकर युवा अभियंता अपने कार्य को और बेहतर तरीके से कर सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन फोरम ऑफ रिटायर्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स के अध्यक्ष इंजी. बद्री विशाल निर्मलकर ने किया। डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष इंजी. सुधीर कुमार सुखदेव ने आभार प्रदर्शन किया। समारोह के अंत में सभी उपस्थितजनों के लिए स्नेह भोज का आयोजन किया गया।






