क्रिप्टो निवेश में करोड़ों फंसने का दावा, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर आईजी से गुहार..

हजारों लोगों से रकम जुटाने का आरोप, अधिक मुनाफे और कमीशन का दिया गया था भरोसा; पीड़ितों ने जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की..

बिलासपुर। क्रिप्टो करेंसी और ब्लॉकचेन आधारित योजनाओं में निवेश के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों से करोड़ों रुपये की राशि लिए जाने की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें निवेश पर अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाकर रकम जमा कराई गई, लेकिन अब निवेश की राशि वापस नहीं मिल रही है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ितों ने पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के समक्ष आवेदन देकर जांच की गुहार लगाई है।

शिकायत में सौमेंद्र कश्यप सहित कुछ अन्य लोगों के नाम का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इन लोगों को इम्पीरियल सिटी डेवलपर्स और स्वर्ण शिखर अपार्टमेंट डीसीटी रियल एस्टेट डेवलपर्स, बिलासपुर से डायरेक्टर/पार्टनर के रूप में जोड़ा गया है। आवेदन में नागपुर निवासी मंगल तिवारी के साथ अमेरिका के कोलोराडो स्थित POLK DAO Foundation, POLK CHAIN ब्लॉकचेन तथा P2AI Coin/Token का भी उल्लेख किया गया है।

जमीन-मकान से लेकर क्रिप्टो निवेश तक का दावा..

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, लोगों को अलग-अलग तरह के निवेश विकल्पों के बारे में बताया गया। इनमें जमीन, मकान, प्लाट और शुद्ध सोने में निवेश के साथ-साथ क्रिप्टो करेंसी और ब्लॉकचेन से जुड़ी योजनाएं भी शामिल थीं। आरोप है कि निवेशकों को भविष्य में बेहतर रिटर्न मिलने का भरोसा दिया गया।

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि निवेश के लिए लोगों को अधिक मुनाफे का भरोसा देने के साथ ही अन्य लोगों को योजना से जोड़ने पर कमीशन देने की बात कही गई। कुछ निवेशकों को लंबे समय तक आर्थिक लाभ और बेहतर करियर की संभावनाओं का भरोसा दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

बड़ी संख्या में लोगों के रकम लगाने का दावा..

पीड़ितों का कहना है कि इन दावों और भरोसों के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी रकम निवेश की। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, इनमें से कई लोगों ने नकद राशि भी जमा की। अब निवेश की रकम वापस नहीं मिलने से संबंधित लोग परेशान हैं और मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं का पक्ष भी सामने आना बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही शिकायत में किए गए दावों और रकम के वास्तविक लेन-देन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

14 अगस्त को दी थी शिकायत, अब आईजी से कार्रवाई की मांग..

शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, उन्होंने इसी मामले को लेकर 14 अगस्त 2026 को पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज और पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। उनका दावा है कि 18 सितंबर 2026 तक मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।

अब पीड़ितों ने आईजी से पूरे मामले की जांच कराने, निवेश से संबंधित दस्तावेजों और लेन-देन की पड़ताल कराने तथा यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही निवेशकों की रकम वापस दिलाने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई की गुहार लगाई गई है।

मामला क्रिप्टो करेंसी, ब्लॉकचेन और निवेश से जुड़ा होने के कारण शिकायतकर्ता अब पुलिस जांच के जरिए यह स्पष्ट कराना चाहते हैं कि लोगों से किस आधार पर रकम ली गई, धनराशि का इस्तेमाल कहां हुआ और निवेशकों को रकम वापस क्यों नहीं मिल रही है।