हाथियों से टकराव रोकने सूरजपुर वनमंडल की नई पहल, ग्रामीणों को बनाया जाएगा ‘मोर हाथी मोर मितान’..

खड़गवां में अभियान का शुभारंभ, हाथियों के व्यवहार और सुरक्षा उपायों की दी गई जानकारी; विधायक शकुंतला पोर्ते ने ग्रामीणों से की सतर्कता बरतने की अपील..

सूरजपुर, 18 सितंबर। जंगल और गांव के बीच बढ़ती आवाजाही के बीच मानव-हाथी सह-अस्तित्व को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सूरजपुर वनमंडल ने एक नई पहल शुरू की है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से ग्राम पंचायत खड़गवां में ‘मोर हाथी मोर मितान’ अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार, उनकी गतिविधियों की सूचना देने की प्रक्रिया और हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ हाथियों के संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मानव और हाथियों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व के लिए जनभागीदारी महत्वपूर्ण है। हाथियों की उपस्थिति वाले क्षेत्रों में ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलते ही वन विभाग को सूचित करें। हाथियों के नजदीक जाने, उन्हें परेशान करने या उनके आवागमन में बाधा डालने से बचें और विभाग की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

हाथियों के व्यवहार और सुरक्षा उपायों की दी गई जानकारी..

कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के हाथी विशेषज्ञ प्रभात दुबे और विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार तथा उनकी गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। ग्रामीणों को समझाया गया कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में किस तरह सावधानी बरतनी चाहिए और किसी गांव या बस्ती के आसपास हाथियों की आवाजाही दिखाई देने पर इसकी सूचना वन विभाग तक कैसे पहुंचानी है।

अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के व्यवहार को समझना और उनकी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहना मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम में सहायक हो सकता है। हाथियों के नजदीक जाने, उन्हें घेरने, छेड़ने या किसी तरह परेशान करने से स्थिति जोखिमपूर्ण हो सकती है। इसलिए हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना और उनके प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप नहीं करना जरूरी है।

ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि हाथियों के प्राकृतिक आवास और उनके पारंपरिक आवागमन मार्गों का सम्मान करना चाहिए। हाथियों की मौजूदगी की जानकारी समय पर साझा करने से वन विभाग को आवश्यक कदम उठाने में मदद मिल सकती है।

‘मोर हाथी मोर मितान’ से बढ़ेगी जनभागीदारी..

वनमंडल सूरजपुर की इस पहल का उद्देश्य हाथियों के प्रति ग्रामीणों में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना और संरक्षण के कार्यों में समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है। अभियान के तहत लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि हाथियों का संरक्षण और ग्रामीणों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं। इसके लिए जरूरी है कि ग्रामीणों और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।

कार्यक्रम में ग्रामीणों को समझाया गया कि हाथियों की गतिविधियों की सूचना समय पर देना, सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना और अनावश्यक रूप से हाथियों के करीब नहीं जाना सामुदायिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। हाथी मित्रों की भूमिका भी इस दिशा में अहम मानी जा रही है। इनके माध्यम से हाथियों की गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

ग्रामीणों को वितरित की गई टॉर्च..

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों ने हाथी संरक्षण और मानव-हाथी सह-अस्तित्व के लिए जनभागीदारी का संकल्प लिया। इस दौरान विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते ने ग्रामीणों को टॉर्च वितरित की। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इस पहल को अभियान का हिस्सा बनाया गया।

कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी, हाथी मित्र और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

संवेदनशील गांवों में आगे भी चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम..

वन विभाग की ओर से बताया गया कि ‘मोर हाथी मोर मितान’ अभियान के तहत आगामी दिनों में हाथी प्रभावित और संवेदनशील गांवों में भी जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके अंतर्गत ग्राम चौपाल आयोजित करने, ग्रामीणों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देने और हाथी मित्रों के माध्यम से सूचना तंत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

वन विभाग का प्रयास है कि ग्रामीणों को हाथियों की गतिविधियों के प्रति जागरूक बनाकर संभावित जोखिमों को कम किया जा सके। साथ ही, हाथियों के प्राकृतिक आवास और उनके आवागमन मार्गों के संरक्षण के प्रति लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।

‘मोर हाथी मोर मितान’ अभियान के जरिए सूरजपुर वनमंडल ग्रामीणों और वन विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सुरक्षित गांव और सुरक्षित हाथी की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।