टाइगर रिजर्व में घुसकर तस्करी ! 130 किलो गांजा जब्त, महाराष्ट्र के दो आरोपी गिरफ्तार..

गरियाबंद।छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां वन विभाग की सतर्कता से एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का मामला पकड़ा गया। हैरानी की बात यह है कि तस्करों ने पुलिस की नजर से बचने के लिए टाइगर रिजर्व के अंदरूनी जंगल रास्तों का इस्तेमाल किया, लेकिन उनकी चालाकी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी।

जंगल के रास्ते तस्करी की कोशिश..

जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र नंबर की एक मारुति सुजुकी अर्टिगा में सवार दो युवक ओड़िशा से गांजा लेकर महाराष्ट्र जा रहे थे। पुलिस जांच से बचने के लिए उन्होंने मुख्य सड़कों को छोड़कर देवभोग, इंदागांव, जुगाड़ और मेचका जैसे अंदरूनी इलाकों का रास्ता चुना। तस्करों को लगा कि जंगल के रास्ते सुरक्षित रहेंगे, लेकिन यही रास्ता उनके लिए मुसीबत बन गया।

फॉरेस्ट बैरियर पर हुआ खुलासा..

सांकरा स्थित वन विभाग के हाईटेक बैरियर पर तैनात कर्मचारियों को कार सवार युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब टीम ने वाहन की जांच करनी चाही, तो आरोपियों ने गाड़ी खराब होने का बहाना बनाकर बचने की कोशिश की। लेकिन कर्मचारियों ने सख्ती दिखाते हुए वाहन की तलाशी ली। जैसे ही गाड़ी की डिक्की खोली गई, उसमें गांजे के पैकेटों का बड़ा जखीरा मिला। यह देखकर मौके पर मौजूद अधिकारी भी हैरान रह गए।

1 क्विंटल 30 किलो गांजा बरामद..

जांच के दौरान करीब 130 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। सूचना मिलने पर सिहावा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वन विभाग के साथ मिलकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। पंचनामा तैयार कर मामला दर्ज कर लिया गया है।

महाराष्ट्र के आरोपी गिरफ्तार..

पकड़े गए आरोपियों की पहचान स्वप्रिल मलिक (31 वर्ष) और संदीप विष्णु खोत (31 वर्ष) के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के निवासी हैं। दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।

जंगल बन रहे नए तस्करी रूट..

अधिकारियों का कहना है कि तस्करों द्वारा टाइगर रिजर्व के रास्तों का इस्तेमाल करना गंभीर चिंता का विषय है। इससे संकेत मिलता है कि अब तस्करी नेटवर्क जंगलों तक फैल रहा है और इसके तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं।

वन विभाग की सतर्कता से नाकाम साजिश..

इस कार्रवाई ने साबित कर दिया कि तस्कर चाहे जितनी चालाकी करें, सतर्कता और मुस्तैदी के आगे उनकी हर योजना विफल हो सकती है। वन विभाग की इस कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।

जांच जारी..

फिलहाल मामले की गहराई से जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।