बिलासपुर में 30 लाख का मेडिकल घोटाला : FIR के आदेश के बाद भी आरोपी बाहर, सवालों के घेरे में शिक्षा विभाग..

बिलासपुर। जिले के बिल्हा ब्लॉक में हुए करीब 30 लाख रुपये के मेडिकल बिल घोटाले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। हैरानी की बात यह है कि जांच में दोष सिद्ध होने और एफआईआर दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश मिलने के बाद भी संबंधित अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं। प्रशासनिक सुस्ती के कारण इस मामले में अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया है।

क्या है पूरा मामला..

इस घोटाले का खुलासा शिकायतकर्ता धनंजय बारमल की शिकायत के बाद हुआ था। जांच में तत्कालीन संकुल समन्वयक साधेलाल पटेल पर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार आरोपी ने कूटरचना कर सरकारी खजाने से लाखों रुपये का मेडिकल बिल निकाला है। विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अक्टूबर 2025 में ही आरोपी को निलंबित करने और उस पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। लेकिन निर्देश जारी होने के कई महीने बीत जाने के बाद भी एफआईआर की फाइल दबी हुई है।

मृतकों के नाम पर भी निकाला पैसा..

जांच रिपोर्ट में जो बातें सामने आई हैं वे चौंकाने वाली हैं। आरोप है कि आरोपी ने मृत शिक्षक के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी मेडिकल बिल तैयार किए और सरकारी राशि की हेराफेरी की। इसके अलावा अपने रिश्तेदारों के नाम पर भी फर्जी दस्तावेज लगाकर मेडिकल प्रतिपूर्ति के नाम पर लाखों रुपये का गबन किया गया। दस्तावेजों में हेरफेर कर इस बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया, जिसने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिम्मेदार अधिकारी हैं चुप..

सवाल यह है कि आखिर किसके दबाव में इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई नहीं हो रही है। विभागीय स्तर पर रिकवरी की प्रक्रिया भी धीमी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की समीक्षा कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों से अद्यतन रिपोर्ट मांगी गई है। हालांकि, विभागीय जवाब से षड्यंत्र की बू आ रही है।

शिकायतकर्ता कर रहे कार्यवाही की मांग..

जांच में भ्रष्टाचार की पुष्टि हो चुकी है और कार्रवाई के आदेश ऊपर से मिल चुके हैं, तो फिर एफआईआर में देरी क्यों की जा रही है। क्या शिक्षा विभाग के अधिकारी किसी बड़े नाम को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इधर शिकायत कर्ताओं ने भी आर-पार का मन बना लिया है।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि जल्द कार्यवाही नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।