

अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को मिलेगी नई ताकत, छह माह में पूरा करने का लक्ष्य..

बिलासपुर, 6 जून। बिलासपुर शहर अब आधुनिक तकनीक और जनसहयोग के दम पर एक नई सुरक्षा व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। शहर को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही ‘त्रिनेत्र’ योजना के तहत शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 1000 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद बिलासपुर की प्रमुख सड़कों, चौक-चौराहों, बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और रिहायशी इलाकों की निगरानी चौबीसों घंटे की जा सकेगी।
तारबहार स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में आयोजित प्रेस वार्ता में कलेक्टर संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, त्रिनेत्र सेवा समिति के अध्यक्ष रामावतार अग्रवाल तथा कोषाध्यक्ष प्रवीण झा ने योजना की विस्तृत जानकारी साझा की।
शहर की सुरक्षा के लिए तकनीक और समाज का संगम.. देखें वीडियो..
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि त्रिनेत्र योजना केवल एक सीसीटीवी परियोजना नहीं, बल्कि प्रशासन, पुलिस, उद्योग, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों की साझी भागीदारी का मॉडल है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराधों की रोकथाम, अपराधियों की त्वरित पहचान, ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जनसंख्या के बीच सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। ऐसे में यह परियोजना बिलासपुर को आधुनिक सुरक्षा तंत्र से लैस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा सुरक्षा नेटवर्क..
योजना के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इनमें सामान्य निगरानी कैमरों के अलावा अत्याधुनिक तकनीक वाले उपकरण भी शामिल होंगे।
कैमरों में शामिल होंगे –
एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे
हाई-रिजोल्यूशन बुलेट कैमरे
पीटीजेड (पैन-टिल्ट-ज़ूम) कैमरे
लंबी दूरी तक निगरानी करने वाले विशेष फोकस कैमरे
इन कैमरों के माध्यम से संदिग्ध वाहनों की पहचान, ट्रैफिक नियम उल्लंघन की निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
कमांड सेंटर से होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग..
योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम होगा, जहां से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी। यहां बड़े वीडियो वॉल डिस्प्ले, आधुनिक सर्वर सिस्टम और डेटा स्टोरेज की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
इस कंट्रोल सेंटर से हजारों कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की जा सकेगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, दुर्घटना, अपराध या ट्रैफिक जाम की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को सूचना उपलब्ध कराई जाएगी।
पुलिसिंग होगी और अधिक प्रभावी.. देखें वीडियो..
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि तकनीक आधारित यह निगरानी व्यवस्था पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सहायक साबित होगी। चोरी, लूट, सड़क दुर्घटनाओं, असामाजिक गतिविधियों और अन्य अपराधों की जांच में तेजी आएगी तथा अपराधियों तक पहुंचना आसान होगा।
उन्होंने कहा कि कैमरों के माध्यम से शहर के प्रवेश और निकास मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, जिससे अपराध के बाद भागने वाले संदिग्धों की पहचान और ट्रैकिंग में मदद मिलेगी। इसके अलावा ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
महिला और बाल सुरक्षा पर विशेष फोकस..
त्रिनेत्र योजना में महिला एवं बाल सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ने से महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार होगा। सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली छेड़छाड़, उत्पीड़न और अन्य घटनाओं की रोकथाम में भी यह व्यवस्था सहायक बनेगी।
बिना सरकारी बजट के साकार होगी योजना.. देखें वीडियो..
त्रिनेत्र सेवा समिति के अध्यक्ष रामावतार अग्रवाल ने बताया कि यह परियोजना अपनी तरह की एक अनूठी पहल है, जिसे मुख्य रूप से जनसहयोग और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से पूरा किया जाएगा। इसके लिए किसी विशेष सरकारी बजटीय प्रावधान पर निर्भर नहीं रहा जाएगा।
उन्होंने शहर के उद्योगपतियों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, संस्थाओं और नागरिकों से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षित शहर का निर्माण सामूहिक जिम्मेदारी है।
नागरिकों से सहयोग की अपील.. देखें वीडियो..
समिति के कोषाध्यक्ष प्रवीण झा ने बताया कि नागरिक, संस्थाएं और उद्योग समूह स्वैच्छिक सहयोग या सीएसआर फंड के माध्यम से इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। उनका कहना था कि सुरक्षा केवल पुलिस और प्रशासन का विषय नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
छह माह में पूरा करने का लक्ष्य..
योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और अगले छह माह के भीतर पूरे नेटवर्क को स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूर्ण होने के बाद बिलासपुर उन चुनिंदा शहरों में शामिल होगा जहां व्यापक स्तर पर तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था उपलब्ध होगी।
सुरक्षित, सजग और स्मार्ट बिलासपुर की ओर कदम..
त्रिनेत्र योजना के माध्यम से बिलासपुर में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। प्रशासन और समाज की साझी भागीदारी से तैयार हो रही यह पहल आने वाले समय में शहर को अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और स्मार्ट शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है। “तीसरी आंख” की यह निगरानी व्यवस्था न केवल अपराधियों के लिए चुनौती बनेगी, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत करेगी।



