

देशभर के दिग्गज होंगे शामिल, सांसद राजेश वर्मा की सहमति से बढ़ा उत्साह, व्यापारियों में दिख रहा नया आत्मविश्वास..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के सराफा कारोबार के लिए एक नई और ऐतिहासिक शुरुआत होने जा रही है। राज्य सरकार द्वारा रायपुर के पंडरी स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में लगभग 10 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क स्थापित करने की मंजूरी मिलने के बाद प्रदेशभर के सराफा व्यापारियों, कारीगरों और स्वर्ण व्यवसाय से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है। वर्षों से जिस मांग को लेकर व्यापारी संगठन प्रयास कर रहे थे, वह अब साकार होती दिखाई दे रही है।
ज्वैलरी पार्क की घोषणा को सराफा उद्योग के विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। व्यापारियों का मानना है कि इससे प्रदेश के हजारों कारीगरों और कारोबारियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर ज्वेलरी उद्योग के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा।
इसी उत्साह के बीच शनिवार को छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी के कोरबा प्रवास के दौरान स्थानीय व्यापारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। शहर के प्रतिष्ठित जे.के. ज्वेलर्स परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सराफा व्यवसायी उपस्थित रहे और ज्वैलरी पार्क की स्वीकृति को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
मंत्री देवांगन का जताया आभार..
कार्यक्रम के दौरान कोरबा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकुमार सोनी और उनकी टीम ने प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन से मुलाकात कर ज्वैलरी पार्क को मिली मंजूरी के लिए आभार व्यक्त किया। व्यापारियों ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के सराफा उद्योग को नई दिशा देने वाला साबित होगा।

इस अवसर पर विजय सोनी, जितेन्द्र सोनी, रोहित साह, जय सोनी, मोतीलाल जैन, जय किशन सोनी सहित अनेक व्यापारी मौजूद रहे।
सीएसआईडीसी में हुई महत्वपूर्ण चर्चा..
इसके बाद सराफा एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल से भी सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान ज्वैलरी पार्क के शीघ्र क्रियान्वयन, भूमि आवंटन, आधारभूत सुविधाओं के विकास, प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना तथा छोटे कारीगरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि ज्वैलरी पार्क शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ के सराफा उद्योग को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
28 जून को बिलासपुर बनेगा सराफा उद्योग का केंद्र..
इसी क्रम में आगामी 28 जून 2026 (रविवार) को बिलासपुर में आयोजित होने वाले छत्तीसगढ़ सराफा महा सम्मेलन की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। इस सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों के व्यापारियों के अलावा देशभर से सराफा उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ, उद्योगपति और संगठन प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सम्मेलन में व्यापारियों की सुरक्षा, बीआईएस हॉलमार्किंग, कर संबंधी विषय, उद्योग में नई तकनीक, कारीगर कल्याण, व्यवसायिक चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी। विशेषज्ञों द्वारा कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।
सांसद राजेश वर्मा की सहमति से बढ़ा उत्साह..
महा सम्मेलन को लेकर सराफा समाज में उत्साह उस समय और बढ़ गया जब बिहार के खगड़िया (भागलपुर क्षेत्र) से सांसद एवं प्रतिष्ठित सराफा व्यवसायी परिवार से जुड़े राजेश वर्मा ने सम्मेलन में शामिल होने की सहमति प्रदान कर दी। उनके आगमन की पुष्टि के बाद प्रदेशभर के व्यापारियों और संगठन पदाधिकारियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
व्यापारियों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधियों की मौजूदगी से सम्मेलन को नई पहचान मिलेगी और सराफा उद्योग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस चर्चा संभव होगी।
‘सपना अब हकीकत बनने की ओर’..
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि ज्वैलरी पार्क केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों व्यापारियों और कारीगरों के वर्षों पुराने सपने का साकार रूप है। उन्होंने कहा कि शासन की सकारात्मक सोच, व्यापारियों की एकजुटता और संगठन के सतत प्रयासों से यह सपना अब तेजी से हकीकत में बदल रहा है।
उन्होंने प्रदेश के सभी सराफा व्यापारियों से 28 जून को बिलासपुर में आयोजित महा सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के सराफा इतिहास का सबसे बड़ा और यादगार सम्मेलन साबित होगा।
ज्वैलरी पार्क से क्या होंगे फायदे ?
सराफा उद्योग को मिलेगा आधुनिक और संगठित ढांचा।
हजारों कारीगरों और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर।
प्रदेश में निवेश और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा।
आधुनिक तकनीक एवं प्रशिक्षण सुविधाओं का लाभ।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
छत्तीसगढ़ को ज्वेलरी निर्माण के नए हब के रूप में पहचान मिलेगी..
सराफा कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि ज्वैलरी पार्क और आगामी महा सम्मेलन, दोनों मिलकर छत्तीसगढ़ के सराफा उद्योग के लिए एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत कर सकते हैं।



