NEET पेपर लीक विरोध के बाद सियासत गरमाई : NSUI और कांग्रेस नेताओं पर बलवा समेत गंभीर धाराओं में FIR, विधायक के वायरल वीडियो ने बढ़ाया विवाद..

बिलासपुर। NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलन के बाद बिलासपुर की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद के निवास घेराव कार्यक्रम के दौरान हुई धक्का-मुक्की और हंगामे के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने कांग्रेस और NSUI के कई प्रमुख नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के खिलाफ बलवा, मार्ग अवरोध और शासकीय कार्य में बाधा जैसी गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।

पुलिस द्वारा दर्ज FIR में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, NSUI जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह, लक्की मिश्रा सहित कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम शामिल किए गए हैं। FIR दर्ज होने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाने की कार्रवाई बताया है।

केंद्रीय राज्य मंत्री निवास घेराव के दौरान बढ़ा तनाव..

जानकारी के अनुसार 3 जून को NEET पेपर लीक प्रकरण के विरोध में NSUI ने केंद्रीय राज्य मंत्री के निवास का घेराव करने का ऐलान किया था। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी तथा मंत्री निवास के आसपास अतिरिक्त बल तैनात किया गया था।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रारंभिक विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कुछ प्रदर्शनकारी समूहों के कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हुई धक्का-मुक्की..

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थल से आगे बढ़ने से रोका गया था, लेकिन कुछ लोग बैरिकेडिंग पार करने और आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे।इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति निर्मित हो गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें आने की सूचना भी सामने आई। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

देवेंद्र यादव के आरोपों से बढ़ा राजनीतिक विवाद..

घटना के बाद भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और धक्का-मुक्की के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए। विधायक के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और इसे विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया।

वहीं पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि या कार्यकर्ता के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया गया। पुलिस का कहना है कि केवल भीड़ नियंत्रण की सामान्य कार्रवाई की गई थी।

वायरल वीडियो ने खड़ा किया नया सवाल..

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे मामले को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। वायरल वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि विधायक देवेंद्र यादव ने अपने कुर्ते को स्वयं फाड़ा था। हालांकि वीडियो की सत्यता और उसके पूरे घटनाक्रम की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। एक पक्ष वीडियो को अपने दावों का समर्थन बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठा रहा है।

वीडियो फुटेज और साक्ष्यों की जांच में जुटी पुलिस..

सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

FIR दर्ज होने के बाद यह मामला अब केवल छात्र आंदोलन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच प्रदेश की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।