बिलासपुर।जेल महानिदेशक (डीजी) हिमांशु गुप्ता ने बिलासपुर के केंद्रीय जेल का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर में मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बंदियों की दिनचर्या को बेहतर बनाने, उन्हें कौशल विकास से जोड़ने और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए डीजी ने कई नए प्रस्तावों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों से बातचीत कर उनकी परेशानियां जानीं और जेल अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

जेल उद्योग को मिलेगा बढ़ावा, लगेगी प्रिंटिंग मशीन..
जेल के भीतर चल रहे उद्योगों और शैक्षणिक ढांचे को नया रूप दिया जाना है। डीजी जेल ने यहां उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कलर ऑफसेट प्रिंटिंग मशीन लगाने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट बनाने की एक नई यूनिट भी स्थापित की जाएगी। इससे बंदियों को जेल के अंदर ही रोजगार परक काम सीखने का अवसर मिलेगा।
लाइब्रेरी में आएंगे अंग्रेजी के अखबार, लगेगा स्मार्ट बोर्ड..
बंदियों की पढ़ाई को आधुनिक स्वरूप देने के लिए जेल में स्मार्ट बोर्ड उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई है। जेल की लाइब्रेरी को भी अपडेट किया जा रहा है। यहां अब द टाइम्स ऑफ इंडिया, द इंडियन एक्सप्रेस और द हितवाद जैसे अंग्रेजी समाचार पत्र नियमित रूप से मंगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य बंदियों को बाहरी दुनिया की जानकारी देना और उनके लिए शिक्षा के अवसर बढ़ाना है।
रसोई के लिए ऑटोमैटिक मशीनें और 20 आरओ प्यूरीफायर मंजूर..
जेल में रहने वालों के खान-पान और शुद्ध पानी की व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। बंदियों को पीने का साफ पानी मिल सके, इसके लिए 20 नए आरओ वाटर प्यूरीफायर लगाने को मंजूरी मिली है। जेल की रसोई (पाकशाला) का काम आसान करने के लिए वहां ऑटोमैटिक रोटी मेकर मशीन लगाई जाएगी। भोजन के लिए 2000 नई थालियों का सेट भी उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, महिला जेल में बिजली की समस्या दूर करने के लिए इन्वर्टर लगाने की सुविधा को भी हरी झंडी दे दी गई है।
डीजी ने खुद ली क्लास, बताए अंग्रेजी सीखने के तरीके..
निरीक्षण के दौरान डीजी हिमांशु गुप्ता ने बंदियों की क्लास भी ली। उन्होंने बंदियों को अंग्रेजी सीखने के तरीके बताए और उनके साथ शिक्षा की उपयोगिता पर चर्चा की। इस दौरान बंदियों से संवाद कर उनकी दिक्कतें सुनी गईं, जिनके समाधान के लिए प्रबंधन को निर्देशित किया गया।
यह अधिकारी रहे उपस्थित..
इस पूरे निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान जेल उप महानिरीक्षक (डीआईजी) एस.एस. तिग्गा, केंद्रीय जेल बिलासपुर के अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेल के चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।







