

दिल्ली/रायपुर। रसोई गैस की सप्लाई में पारदर्शिता लाने और आम लोगों को उनका हक दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए OTP (वन टाइम पासवर्ड) आधारित सिस्टम लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है।

यह फैसला उन लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें कहा गया था कि कई जगहों पर गैस एजेंसियां लाभार्थियों की जानकारी के बिना ही उनके नाम पर सिलेंडर बुक कर रही हैं। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही थी, जबकि सब्सिडी का दुरुपयोग हो रहा था।
शिकायतों के बाद हरकत में आई सरकार..


ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन (GDKF) ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन सोलंके ने सरकार को बताया कि उज्ज्वला योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाली गैस सुविधा में कई तरह की गड़बड़ियां हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि कई एजेंसियां फर्जी बुकिंग कर रही हैं और कुछ मामलों में सिलेंडर ब्लैक में बेचे जा रहे हैं। इससे असली लाभार्थियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
राजस्थान की तर्ज पर सख्ती..

फाउंडेशन ने यह भी सुझाव दिया कि राजस्थान में लागू किए गए सख्त नियमों को छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाए। राजस्थान में OTP के जरिए ही गैस की डिलीवरी दी जा रही है, जिससे फर्जीवाड़े में काफी कमी आई है। इसी मॉडल को अपनाने की दिशा में अब छत्तीसगढ़ भी आगे बढ़ रहा है।
क्या बदल जाएगा आम लोगों के लिए?
नई व्यवस्था लागू होने के बाद गैस लेने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान हो जाएगी। अब किसी भी लाभार्थी के नाम पर बिना उसकी जानकारी के सिलेंडर नहीं लिया जा सकेगा।
प्रस्तावित नए नियम इस प्रकार हैं :
OTP से ही मिलेगा सिलेंडर : जब भी गैस सिलेंडर डिलीवर होगा, तब लाभार्थी के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा। उसी OTP को बताने पर ही सिलेंडर मिलेगा।
दूसरे नंबर का इस्तेमाल बंद : अब किसी और मोबाइल नंबर पर OTP नहीं भेजा जाएगा। इससे फर्जी डिलीवरी पूरी तरह रुक जाएगी।
गैस डायरी में पूरी जानकारी जरूरी : हर बार सिलेंडर देने के समय गैस डायरी में तारीख और डिलीवरी का पूरा विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा।
ऑटो-बुकिंग पर लगेगी रोक : कई बार एजेंसियां खुद ही सिलेंडर बुक कर देती थीं, अब ऐसा नहीं होगा। बिना ग्राहक की अनुमति के बुकिंग नहीं की जा सकेगी।
गरीब परिवारों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा..
इस नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा लाभ उज्ज्वला योजना से जुड़े गरीब परिवारों और राशन कार्डधारकों को मिलेगा। अब उन्हें गैस के लिए बार-बार एजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनका हक कोई और नहीं ले पाएगा।
फाउंडेशन का क्या कहना है?
नितिन सोलंके ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ इतना है कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी सही लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह कदम गैस वितरण व्यवस्था को साफ-सुथरा और पारदर्शी बनाएगा।
भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम..
विशेषज्ञों का मानना है कि OTP आधारित सिस्टम लागू होने के बाद गैस वितरण में होने वाली गड़बड़ियां काफी हद तक खत्म हो जाएंगी। इससे कालाबाजारी और भ्रष्टाचार पर भी कड़ा नियंत्रण लगेगा।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम आम जनता के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है और आने वाले समय में पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकता है।



