मुखबिर की सूचना पर रायगढ़ वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 7.5 किलो मांस जब्त; वन्यजीव तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी..

रायगढ़। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत रायगढ़ वन मंडल की टीम ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए जंगली सुअर का शिकार कर उसका मांस बेचने जा रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 7.5 किलोग्राम जंगली सुअर का मांस बरामद किया गया है। वन विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शिकार और वन्यजीव तस्करी में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र रायगढ़ के जुनवानी परिक्षेत्र सहायक वृत्त अंतर्गत 20 जुलाई 2026 को परिसर रक्षक बड़गांव को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम गेरवानी के नदी किनारे एक संदिग्ध व्यक्ति वन्यजीव के मांस के साथ मौजूद है। सूचना मिलते ही वन अमले ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और संयुक्त टीम बनाकर मौके पर दबिश दी।
वन विभाग की टीम जब ग्राम गेरवानी के समीप नदी किनारे पहुंची तो वहां एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उसके थैले से मांस बरामद हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना नाम टीकाराम कंवर (48 वर्ष), निवासी ग्राम छिंदभौना, तहसील तमनार, थाना पूंजीपथरा, जिला रायगढ़ बताया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने बिजली के तार से हुकिंग कर जंगली सुअर का शिकार किया था। शिकार के बाद उसने जानवर को काटकर उसका मांस अलग किया और पॉलीथिन में भरकर बिक्री के उद्देश्य से गांव की ओर ले जा रहा था। वन अधिकारियों द्वारा जांच और पूछताछ के बाद बरामद मांस के जंगली सुअर का होने की पुष्टि की गई।
वन विभाग ने आरोपी के कब्जे से मिले 7.5 किलोग्राम मांस को जब्त कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। आरोपी के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 50, 51 एवं 52 के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 4679/10 दिनांक 20 जुलाई 2026 पंजीबद्ध किया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आरोपी के बयान से यह संकेत मिले हैं कि इस अवैध शिकार प्रकरण में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है और संभावित सहयोगियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि वन्यजीव शिकार और मांस की अवैध बिक्री से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा भी हो सकता है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को रायगढ़ न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में प्रशिक्षु आईएफएस एवं उप वनमंडलाधिकारी तन्मय कौशिक, वन परिक्षेत्र अधिकारी संजय लकड़ा, उप वनक्षेत्रपाल ललित राठिया, वनरक्षक कुशल कंवर, राहुल गुप्ता, सरोज भोय तथा वाहन चालक तुलसी बसोड़ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों के शिकार, तस्करी या अवैध व्यापार से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल विभाग को दें, ताकि वन्यजीव संरक्षण कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।







