

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के माननीय अध्यक्ष रूपसाय सलाम ने बुधवार को बिलासपुर स्थित संजीवनी विक्रय केंद्र, शहद प्रोसेसिंग यूनिट तथा तेंदूपत्ता गोदाम का निरीक्षण कर वहां संचालित गतिविधियों का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, स्टॉक की उपलब्धता, विपणन व्यवस्था, बिक्री गतिविधियों एवं विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।


भ्रमण के दौरान अध्यक्ष सलाम ने संजीवनी विक्रय केंद्र में उपलब्ध वनोपज आधारित उत्पादों का अवलोकन किया और केंद्र की सुव्यवस्थित सज्जा, उत्पाद प्रदर्शन एवं विक्रय व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि वनवासियों और संग्राहकों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना संघ की प्राथमिकता है, जिससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिल सके।


निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने शहद प्रोसेसिंग यूनिट का भी अवलोकन किया। उन्होंने शहद संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रिया की जानकारी ली तथा उत्पादों की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने विपणन गतिविधियों को और प्रभावी बनाने तथा उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पहुंचाने पर जोर दिया।


तेंदूपत्ता गोदाम के निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने भंडारण व्यवस्था, सुरक्षा उपायों एवं संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक सुझाव देते हुए कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सीसीएफ मनोज पांडेय, प्रबंध संचालक नीरज, उप प्रबंध संचालक यू.एस. करवर, सीनियर एग्जीक्यूटिव मार्ट संजय चौबे, सीनियर एग्जीक्यूटिव लोकेश सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अध्यक्ष को विभिन्न परियोजनाओं एवं गतिविधियों की प्रगति से अवगत कराया।

अध्यक्ष रूपसाय सलाम ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से चर्चा करते हुए कहा कि लघु वनोपज आधारित गतिविधियां ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार हैं। इन गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए गुणवत्ता, उत्पादन और विपणन के सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने बेहतर समन्वय के साथ कार्य कर संघ की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया।


निरीक्षण के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संघ की विभिन्न योजनाओं, उत्पादों के विपणन और भविष्य की कार्ययोजनाओं की जानकारी भी प्रस्तुत की। अध्यक्ष ने कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए जनजातीय एवं ग्रामीण समुदायों को अधिकतम लाभ पहुंचाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने की बात कही।



