

जीपीएम और मध्यप्रदेश में मचाया था आतंक, 7 बड़ी चोरी की वारदातों का खुलासा..

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में लगातार बढ़ रही चोरी और नकबजनी की घटनाओं से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पुलिस ने एक संगठित अंतर्राज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके छह शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 38 तोला सोना, डेढ़ किलो चांदी के आभूषण, चोरी की रकम से खरीदी गई महिंद्रा स्कॉर्पियो, दो मोटरसाइकिल, महंगे एप्पल मोबाइल फोन तथा चोरी की वारदातों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह छत्तीसगढ़ के जीपीएम जिले के साथ-साथ पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के अनुपपुर जिले में भी सक्रिय था और लंबे समय से सुनसान मकानों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
आईजी के निर्देश पर बनी विशेष टीम..
बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के निर्देश तथा प्रभारी पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी अभियान के तहत एसडीओपी पेंड्रा श्याम कुमार सिदार एवं एसडीओपी मरवाही राजेश देवांगन के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया।
पुलिस ने चोरी की घटनाओं का तकनीकी विश्लेषण किया, साइबर सेल की मदद ली, संदिग्धों की गतिविधियों पर निगरानी रखी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार जुटाए गए साक्ष्यों और सूचनाओं के आधार पर पुलिस इस संगठित गिरोह तक पहुंचने में सफल रही।
शातिर तरीके से देते थे वारदात को अंजाम..
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले ऐसे मकानों की रेकी करते थे जहां परिवार के लोग बाहर गए हों या घर लंबे समय तक बंद रहता हो। इसके बाद रात के समय कटर, जैक रॉड, हथौड़ी और अन्य उपकरणों की मदद से दरवाजे, ताले और खिड़कियां तोड़कर घर में प्रवेश करते थे। घरों में रखे सोने-चांदी के जेवर, नकदी और कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि चोरी से मिले पैसों से उन्होंने लग्जरी वाहन और अन्य महंगे सामान खरीदे थे। गिरोह के सदस्य चोरी की रकम को आपस में बांट लेते थे और अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर छिप जाते थे, ताकि पुलिस को उन तक पहुंचने में कठिनाई हो।
7 बड़ी चोरी की वारदातों का खुलासा..
गिरफ्तार आरोपियों ने जीपीएम और मध्यप्रदेश के अनुपपुर जिले में हुई सात बड़ी चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इनमें कोटमी, मरवाही, पेंड्रा, सिवनी क्षेत्र सहित मध्यप्रदेश के जैतहरी थाना क्षेत्र की वारदातें शामिल हैं।
इन घटनाओं में लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान चोरी किया गया था। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ में अन्य कई लंबित मामलों का भी खुलासा हो सकता है।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार..
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है –

परमेश्वर गोस्वामी उर्फ रवि, निवासी बाजार पारा पेंड्रा
सूरज गोस्वामी, निवासी बाजार पारा पेंड्रा
सुमित गोस्वामी, निवासी देवरी खुर्द जुनवानी पारा कोटमी
प्रणय पाण्डेय, निवासी देवरी खुर्द बड़ा मोहल्ला पेंड्रा
विशाल जादव उर्फ विशू, निवासी राठी चौक पेंड्रा
शरद काटकर, निवासी मंगली चौक गौरेला
बरामदगी ने चौंकाया..
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में चोरी का माल बरामद किया है। जब्त सामग्री में लगभग 38 तोला सोने के आभूषण, करीब 1.5 किलोग्राम चांदी के आभूषण, चोरी की रकम से खरीदी गई महिंद्रा स्कॉर्पियो (सीजी 22 एसी 2327), दो मोटरसाइकिल, एप्पल कंपनी के कई मोबाइल फोन तथा वारदात में उपयोग किए जाने वाले कटर, जैक रॉड, हथौड़ी और छैनी जैसे उपकरण शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद संपत्ति की कुल कीमत लाखों रुपये में है और इसकी विस्तृत गणना की जा रही है।
संयुक्त टीम की मेहनत लाई रंग..
इस पूरे अभियान में थाना मरवाही, थाना पेंड्रा, चौकी सिवनी, चौकी कोटमी और साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई दिनों तक लगातार की गई निगरानी, तकनीकी जांच और सूचनाओं के विश्लेषण के बाद पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली।
थाना मरवाही में दर्ज अपराध क्रमांक 83/2026 के तहत सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।
अन्य साथियों की तलाश जारी..
पुलिस का कहना है कि गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों और उनसे जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी मिली है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और संभावना है कि आने वाले दिनों में कई और चोरी की घटनाओं का खुलासा हो सकता है। पुलिस चोरी का माल खरीदने वाले लोगों और गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भी जांच कर रही है।
इस बड़ी कार्रवाई को जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। इससे न केवल कई लंबित मामलों का खुलासा हुआ है, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के बीच भी पुलिस का खौफ बढ़ा है।



