बिलासपुर की बहू एंजेल चौकसे ने जीता अंतरराष्ट्रीय ताज, कहा – ‘सपनों की कोई उम्र नहीं होती, हौसला हो तो हर मंजिल संभव’..

‘Mrs. India International Queen Alluring 2026’ का खिताब जीतकर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान, अपनी सफलता महिलाओं और बेटियों को किया समर्पित..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की बेटी और बिलासपुर की बहू एंजेल चौकसे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए ‘Mrs. India International Queen Alluring 2026’ का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उनकी सफलता से शहर में खुशी और गर्व का माहौल है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में विभिन्न देशों से आई प्रतिभागियों के बीच एंजेल चौकसे ने अपने आत्मविश्वास, व्यक्तित्व, संस्कृति की समझ और प्रभावशाली प्रस्तुति से निर्णायकों का दिल जीत लिया। प्रतियोगिता के दौरान उन्हें अलग-अलग देशों की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को करीब से जानने का अवसर भी मिला, जिसे उन्होंने अपने लिए एक समृद्ध अनुभव बताया।

अपनी इस उपलब्धि पर एंजेल चौकसे ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि पूरे बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की जनता का सम्मान है। उन्होंने कहा कि अपने शहर और प्रदेश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है।

महिलाओं और बेटियों के लिए दिया प्रेरणादायक संदेश..

सफलता के बाद एंजेल चौकसे ने प्रदेश की महिलाओं और बेटियों के नाम एक प्रेरणादायक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती। यदि आपके भीतर जुनून, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास है तो जीवन के किसी भी पड़ाव पर अपने सपनों को साकार किया जा सकता है। परिवार और जिम्मेदारियां कभी भी महिलाओं की कमजोरी नहीं होतीं, बल्कि वही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती हैं। जरूरत सिर्फ अपने सपनों और परिवार के बीच संतुलन बनाने की होती है।

उन्होंने कहा कि समाज में अब महिलाओं के लिए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं और हर महिला को अपनी प्रतिभा पर विश्वास रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उनका मानना है कि आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।

परिवार के सहयोग को बताया सबसे बड़ी ताकत..

एंजेल चौकसे ने अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने परिवार को दिया। उन्होंने अपने पति रितेश चौकसे, बेटी विनस चौकसे, माता-पिता, सास-ससुर तथा पूरे परिवार का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विश्वास और सहयोग के बिना इस मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं था। उन्होंने अपने ट्रेनर्स, मार्गदर्शकों और शुभचिंतकों का भी धन्यवाद दिया, जिनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने उन्हें हर कदम पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

प्रदेशवासियों को समर्पित किया सम्मान..

एंजेल चौकसे ने कहा कि यह ताज केवल उनके सिर की शोभा नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की अस्मिता और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को प्रदेश की सभी महिलाओं, बेटियों और युवाओं को समर्पित करते हुए कहा कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

अंत में उन्होंने मीडिया, बिलासपुरवासियों और पूरे छत्तीसगढ़ की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों के प्रेम, आशीर्वाद और विश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उनकी यह सफलता प्रदेश की उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है, जो अपने सपनों को जिम्मेदारियों के कारण पीछे छोड़ देती हैं। एंजेल का संदेश स्पष्ट है कि सपनों की उड़ान उम्र नहीं, बल्कि हौसले तय करते हैं।