बलौदाबाजार में आधी रात ईडी और इनकम टैक्स की संयुक्त दबिश : पीतल कारोबारी राजकुमार सराफ के ठिकानों पर दस्तावेजों की पड़ताल जारी, बाजार में हड़कंप..

बलौदाबाजार शहर में बीती रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग (आईटी) की संयुक्त टीमों ने अचानक एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। शहर के जाने-माने पीतल कारोबारी राजकुमार सराफ के निवास और अन्य व्यापारिक ठिकानों पर जांच एजेंसियों ने देर रात दबिश दी है। बिना किसी पूर्व सूचना के हुई इस कार्रवाई से पूरे शहर के कारोबारी वर्ग में चिंता का माहौल बन गया है।

देर रात शुरू हुआ ऑपरेशन..

मिली जानकारी के अनुसार, ईडी और आईटी की कई गाड़ियां देर रात बलौदाबाजार पहुंचीं। जांच टीमों ने पीतल व्यापारी राजकुमार सराफ के घर को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद अधिकारियों की टीम मकान के अंदर दाखिल हुई। घर के किसी भी सदस्य को बाहर जाने या किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर आने की अनुमति नहीं दी जा रही है। मौके पर सुरक्षा बल के जवान भी तैनात किए गए हैं ताकि पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की बाधा न आए।

दस्तावेजों और खातों की हो रही सघन जांच..

बताया जा रहा है कि बंद दरवाजों के पीछे अधिकारी व्यापारी के बही-खातों, बैंक पासबुक, कच्चे बिल, कंप्यूटर और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं। कारोबारी के व्यापारिक लेन-देन, माल की खरीद-बिक्री और आय के स्रोतों का बारीकी से मिलान किया जा रहा है। जांच एजेंसियां मुख्य रूप से इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि व्यापार के लेन-देन में कोई बड़ी वित्तीय अनियमितता तो नहीं हुई है। पीतल के कारोबार के साथ-साथ उनके अन्य निवेशों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

कारोबारियों में खलबली और दहशत..

राजकुमार सराफ शहर के बड़े और नामचीन कारोबारियों में गिने जाते हैं। उनके यहां अचानक हुई इस संयुक्त रेड की खबर सुबह होते ही पूरे बलौदाबाजार में तेजी से फैल गई। शहर के अन्य व्यापारियों के बीच भी इसे लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं। ईडी और आईटी के एक साथ मैदान में उतरने से स्थानीय कारोबारी जगत में घबराहट का माहौल है। कई व्यापारी इस कार्रवाई को लेकर अपने-अपने स्तर पर जानकारी निकालने की कोशिश में लगे हुए हैं।

इनपुट पर सस्पेंस बरकरार..

यह रेड किस इनपुट के आधार पर की गई है, इस बारे में अभी तक आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है। जांच एजेंसियों के अधिकारियों ने अपनी तरफ से पूरी तरह चुप्पी साध रखी है और अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। यह एक हाई-प्रोफाइल मामला माना जा रहा है। अधिकारियों के रवैये से लग रहा है कि उनके पास कोई पक्की सूचना थी जिसके आधार पर यह दबिश दी गई है।

फिलहाल रेड को शुरू हुए कई घंटे बीत चुके हैं और संयुक्त टीम अभी भी दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय प्रशासन को भी इस कार्रवाई की भनक नहीं लगने दी गई। अब सभी की निगाहें इसी बात पर टिकी हैं कि घंटों चलने वाली इस लंबी जांच के बाद ईडी और आईटी विभाग क्या खुलासा करते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तस्वीर सामने आ पाएगी।