

पुलिस-वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 1 गिरफ्तार, 7 फरार..ओडिशा के तस्करों से जुड़े तार उजागर..

गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व और गरियाबंद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ओडिशा सीमा से लगे साहेबिनकछार गांव में संचालित अवैध सागौन तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सात अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। जांच में ओडिशा के सागौन तस्करों से स्थानीय लोगों की मिलीभगत के महत्वपूर्ण साक्ष्य भी सामने आए हैं।

वन विभाग को पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर गांव में बड़े पैमाने पर अवैध सागौन लकड़ी के भंडारण और फर्नीचर निर्माण की सूचना मिली थी। इसके बाद उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने विशेष अभियान चलाकर कई संदिग्ध घरों और परिसरों में तलाशी ली।
कार्रवाई से पहले सबूत मिटाने की कोशिश.. देखें वीडियो..
वन अमले की दबिश की भनक लगते ही आरोपियों ने अपने घरों में रखी सागौन लकड़ी को छिपाने की कोशिश की। कुछ लोगों ने सागौन के स्लीपर और लकड़ी के फट्टों को तालाबों में फेंक दिया, जबकि कई जगह बाड़ियों में गड्ढे खोदकर उन्हें जमीन में दफना दिया गया। कुछ लकड़ियां पूजा स्थलों और नदी किनारे भी छिपाई गई थीं।
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हालांकि वन विभाग के स्निफर डॉग स्क्वॉड ‘टीना’ की मदद से छिपाई गई लकड़ियों का पता लगा लिया गया। डॉग स्क्वॉड की सहायता से जमीन में दफन और पानी में छिपाई गई लकड़ियों को बरामद कर जब्त किया गया।
लाखों की सागौन लकड़ी जब्त..
वन विभाग ने विभिन्न स्थानों से कुल 4.56 घन मीटर राष्ट्रीयकृत सागौन और बीजा लकड़ी जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपये बताई जा रही है। बरामद लकड़ी में बड़ी संख्या में सागौन स्लीपर और फर्नीचर निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री शामिल है।
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कार्रवाई के दौरान एक पेट्रोल चालित आरा मशीन और तीन बड़े हाथ आरे भी जब्त किए गए हैं, जिनका उपयोग अवैध कटाई और चिरान में किया जा रहा था।
घरों में मिले सागौन से बने सोफा सेट..


तलाशी के दौरान कई आरोपियों के घरों में सागौन लकड़ी से बने महंगे सोफा सेट और अन्य फर्नीचर भी मिले हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि इससे यह संकेत मिलता है कि स्थानीय स्तर पर अवैध लकड़ी का उपयोग कर फर्नीचर निर्माण का कारोबार भी संचालित किया जा रहा था। इस मामले में ओडिशा के तस्करों के साथ सांठगांठ के प्रमाण भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
वन्यजीव शिकार से भी जुड़े मिले आरोपी..
कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों के कब्जे से संरक्षित वन्यजीव साही (अनुसूची-2) के अवशेष तथा शिकार में इस्तेमाल होने वाले फंदे बरामद किए गए हैं। वन विभाग के अनुसार कुछ आरोपी पूर्व में दर्ज पोटाश बम से वन्यजीव शिकार के मामले में भी संदिग्ध रहे हैं। इससे वन अपराधों के साथ-साथ वन्यजीव अपराधों के नेटवर्क की भी आशंका गहरा गई है।
कई आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुए वन अपराध..
वन विभाग ने विभिन्न आरोपियों के विरुद्ध अलग-अलग वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिए हैं। कई संदिग्धों के नाम पर सर्च वारंट जारी किए गए थे। जिन घरों से अवैध वनोपज और उपकरण मिले हैं, उनके विरुद्ध वन अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस, वन अमले और डॉग स्क्वॉड की अहम भूमिका..

इस पूरे अभियान में गरियाबंद पुलिस, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के विभिन्न वन परिक्षेत्रों के अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा श्रमिकों और स्निफर डॉग स्क्वॉड ‘टीना’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध लकड़ी तस्करी और वन्यजीव अपराधों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सघन कार्रवाई जारी रहेगी।



