बिलासपुर में महतारी वंदन और राशन ने रुलाया : 42 डिग्री की तपती धूप में महिलाओं की लंबी कतारें, कहीं सर्वर डाउन तो कहीं चावल खत्म..

तेज खबर डेस्क, बिलासपुर : राजधानी रायपुर की तरह न्यायधानी बिलासपुर में भी सिस्टम की सुस्ती ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। ‘महतारी वंदन योजना’ की ई-केवाईसी (e-KYC) और तीन महीने का एकमुश्त राशन लेने के लिए शहर भर की हजारों महिलाओं को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। आसमान से बरसती 42 डिग्री की आग और सर्वर की लेटलतीफी ने महिलाओं का पसीना छुड़ा दिया है। राशन दुकानों से लेकर च्वॉइस सेंटर और आंगनबाड़ी केंद्रों तक हालात बदतर हैं।

च्वॉइस सेंटर से पहले आंगनबाड़ी के काटने पड़ रहे चक्कर..

महतारी वंदन योजना का पैसा बिना रुकावट खाते में आता रहे, इसके लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन यह प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है। च्वॉइस सेंटर में केवाईसी कराने से पहले महिलाओं को अपने मोहल्ले के आंगनबाड़ी केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। नियम है कि बिना आईडी (ID) नंबर के केवाईसी नहीं होगी। यह आईडी नंबर उसी रजिस्टर में दर्ज है, जो पहली बार फॉर्म भरते समय आंगनबाड़ी में जमा किया गया था। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं मोटे-मोटे रजिस्टरों में नाम खोजकर आईडी निकाल रही हैं, जिसमें काफी जद्दोजहद और घंटों का समय लग रहा है।

राशन के लिए 6 बार लगाना पड़ रहा अंगूठा, सर्वर बना रुलाने वाला सिस्टम..

एक तरफ केवाईसी की टेंशन, तो दूसरी तरफ राशन दुकानों में भी रुलाने वाला हाल है। तीन महीने का राशन एक साथ लेने के चक्कर में महिलाओं को पीओएस (POS) मशीन में छह-छह बार अंगूठा लगाना पड़ रहा है। बायोमेट्रिक सिस्टम का सर्वर इतना सुस्त है कि एक महिला का राशन तौलने और एंट्री करने में कम से कम आधे घंटे का समय लग जा रहा है। बाकी महिलाएं तपती धूप में अपनी बारी का इंतजार करती रहती हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद कई बार सर्वर पूरी तरह ठप हो जाता है या फिर दुकान का चावल ही खत्म हो जाता है। ऐसे में दुकानदार महिलाओं को अगले दिन आने की सलाह देकर वापस भेज देते हैं।

एक दिन में 20 केवाईसी भी नहीं, 30 जून की डेडलाइन से मची होड़..

महिलाओं की सुविधा के लिए विभाग ने हर मोहल्ले में दो च्वॉइस सेंटरों को ई-केवाईसी के लिए अधिकृत किया है, लेकिन वहां की हालत और खराब है। सर्वर की सुस्ती के चलते एक सेंटर में दिन भर में बमुश्किल 20 महिलाएं भी ई-केवाईसी नहीं करा पा रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने साफ कर दिया है कि 30 जून तक सत्यापन नहीं कराने वाली महिलाओं के खाते में रकम आनी बंद हो जाएगी। हालांकि अप्रैल, मई और जून तक पैसे आते रहेंगे (इस माह 26वीं किस्त के तौर पर राशि जमा कराई गई है)। इसी डेडलाइन के डर से घर का कामकाज छोड़कर महिलाएं सुबह से ही सेंटरों के बाहर लाइन लगाने को मजबूर हैं।

अफसरों का दावा: गोदामों से सप्लाई जारी, कहीं कमी नहीं..

हालात भले ही खराब हों, लेकिन अधिकारियों के दावे अपनी जगह हैं। राशन की किल्लत को लेकर छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम (नान) की प्रबंध संचालक इफ्फत आरा का बयान सामने आया है। उनका कहना है, नान के गोदामों से लगातार राशन दुकानों में चावल की सप्लाई की जा रही है। जिलों से मिली रिपोर्ट के अनुसार सभी जगहों पर 80 फीसदी से ज्यादा चावल का भंडारण हो चुका है। अफसर लगातार सप्लाई पर नजर रखे हुए हैं। कहीं कमी नहीं होने दी जाएगी।

हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर बिलासपुर की सड़कों, च्वॉइस सेंटरों और पीडीएस दुकानों के बाहर पसीना पोछती महिलाओं के चेहरों पर साफ नजर आ रही है।