

पुनर्गठन, सदस्यता विस्तार और युवा नेतृत्व को मजबूत बनाने पर हुआ मंथन..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ी सरयूपारीण विप्र संघ खारंग परिक्षेत्र की मासिक बैठक रविवार को ग्राम सेलर में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के विस्तार, पुनर्गठन, सदस्यता अभियान, युवाओं की भागीदारी तथा संगठनात्मक अनुशासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी एवं युवा सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत संगठन की वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा से हुई। वक्ताओं ने कहा कि समाज को संगठित एवं सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक गांव तक संगठन की पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए सदस्यता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा नए सदस्यों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
पुनर्गठन की प्रक्रिया होगी तेज..
बैठक में संगठन के पुनर्गठन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सर्वसम्मति से वरिष्ठ सदस्य जगदीश गुरूद्वान, कुशल प्रसाद शर्मा, भागवत प्रसाद तिवारी एवं चंद्रिका प्रसाद तिवारी को संगठन के पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह समिति संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए सुझाव तैयार करेगी, जिसे आगामी बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।

साथ ही निर्णय लिया गया कि वार्षिक सदस्यता अभियान को गति देने के लिए पदाधिकारी एवं सदस्य गांव-गांव जाकर समाजजनों से संपर्क करेंगे तथा सदस्यता शुल्क संग्रहित कर संगठन को आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाएंगे।
युवाओं को जोड़ने के लिए होगा सम्मेलन..
बैठक में समाज के युवाओं की सक्रिय भागीदारी को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। उपस्थित सदस्यों ने माना कि किसी भी सामाजिक संगठन की मजबूती युवाओं की भागीदारी पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से खारंग परिक्षेत्र के सीस से लेकर गतौरा तक के गांवों के युवा विप्रों को एक मंच पर लाने के लिए निकट भविष्य में एक भव्य युवा सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि युवा सम्मेलन के माध्यम से नई पीढ़ी को सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा तथा उन्हें समाजहित के कार्यों में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मकर संक्रांति पर हुए आयोजन को लेकर जताई नाराजगी..
बैठक का सबसे प्रमुख विषय मकर संक्रांति पर्व पर अशोक वाटिका में आयोजित एक कार्यक्रम रहा। इस आयोजन को लेकर संगठन के सदस्यों ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। चर्चा के दौरान आरोप लगाया गया कि उक्त कार्यक्रम युवा विप्र खारंग परिक्षेत्र के नाम और बैनर का उपयोग कर आयोजित किया गया, जबकि इसके लिए संगठन की औपचारिक स्वीकृति नहीं ली गई थी।
विस्तृत चर्चा के बाद उपस्थित समाजजनों ने सर्वसम्मति से आयोजन के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित किया। सदस्यों का कहना था कि किसी भी सामाजिक संगठन के नाम और पहचान का उपयोग संगठन की जानकारी एवं सहमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए।
संगठन के नाम के उपयोग पर उठे सवाल..
इस संबंध में युवा विप्र खारंग परिक्षेत्र के अध्यक्ष अंकित गौरहा ने कहा कि संगठन की जानकारी और अनुमति के बिना बेलतरा क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि एवं उनके सहयोगियों द्वारा राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए संगठन के नाम और बैनर का उपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से समाज के वरिष्ठजन और युवा वर्ग स्वयं को उपेक्षित महसूस करते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज की एकता और गरिमा बनाए रखने के लिए संगठनात्मक मर्यादाओं का पालन आवश्यक है। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने भी इस विषय पर नाराजगी व्यक्त करते हुए भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न होने की अपेक्षा जताई।
बड़ी संख्या में शामिल हुए समाजजन..
बैठक में प्रदीप शास्त्री, अर्जुन तिवारी, विरेन्द्र गौरहा, राम अवतार पांडेय, ओंकार शर्मा, राजेन्द्र तिवारी, डॉ. सुरेश चन्द्र शर्मा, ईश्वर प्रसाद तिवारी, परमेश्वर तिवारी, अश्वनी पांडेय, मदन मोहन पांडेय, लक्ष्मी प्रसाद तिवारी, सनत शर्मा, संतोष कुमार मिश्रा, योगेश्वर दुबे, अंकित गौरहा, रितेश शर्मा, महेन्द्र पांडेय, शोभाकांत तिवारी, अवधेश शर्मा, कृष्णा पांडेय, चंद्रेश तिवारी, सतीष तिवारी, अभिषेक शर्मा, लक्ष्मीनारायण पांडेय, संतोष तिवारी, आलोक शर्मा, ज्योतिष तिवारी, आयुष तिवारी सहित बड़ी संख्या में विप्र समाज के सदस्य उपस्थित रहे।



