श्रावण की शिवभक्ति में डूबेगा बिलासपुर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में एक माह तक होंगे रुद्राभिषेक और विशेष अनुष्ठान..

30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा दिव्य श्रावण महोत्सव, प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगा भगवान नर्मदेश्वर महादेव का पूजन, श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील..

बिलासपुर। देवों के देव महादेव की आराधना का पावन पर्व श्रावण मास गुरुवार 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है। इस अवसर पर शहर के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, CIMS हॉस्पिटल चौक में पूरे श्रावण मास तक विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और शिव आराधना का भव्य आयोजन किया जाएगा। मंदिर परिसर एक माह तक शिवभक्ति, वैदिक मंत्रों और धार्मिक वातावरण से गुंजायमान रहेगा। मंदिर समिति ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया है।

श्रावण मास के शुभारंभ से पहले बुधवार को मंदिर में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गुरु पूजन संपन्न हुआ। इसके साथ ही श्रावण मास के दिव्य अनुष्ठानों की शुरुआत की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मंदिर समिति के अनुसार 30 जुलाई से 28 अगस्त तक प्रतिदिन भगवान श्री नर्मदेश्वर महादेव का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक किया जाएगा। वहीं प्रत्येक दिन शाम 5 बजे से 7 बजे तक गोधूलि बेला में पंचोपचार पूजन, रुद्राभिषेक और भगवान शिव के 108 नामों से विशेष अर्चना की जाएगी। श्रद्धालु पूरे अनुष्ठान में शामिल होकर भगवान शिव का अभिषेक एवं पूजन कर सकेंगे।

श्रावण मास को सनातन परंपरा में भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। मान्यता है कि इस माह में श्रद्धा और भक्ति से किए गए जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बिल्वपत्र अर्पण और महामृत्युंजय मंत्र के जाप से भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इससे जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

इस वर्ष श्रावण मास के दौरान कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व भी मनाए जाएंगे। इनमें 3 अगस्त को पहला श्रावण सोमवार, 10 अगस्त को दूसरा श्रावण सोमवार, 11 अगस्त को मासिक शिवरात्रि, 12 अगस्त को हरेली पर्व एवं हरियाली अमावस्या, 17 अगस्त को तीसरा श्रावण सोमवार और नाग पंचमी, 24 अगस्त को चौथा श्रावण सोमवार तथा 28 अगस्त को रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा के साथ श्रावण मास का समापन होगा। इन सभी अवसरों पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मंदिर समिति ने बताया कि जो श्रद्धालु अपने अथवा अपने परिवार के नाम से विशेष पूजन, रुद्राभिषेक या अन्य धार्मिक अनुष्ठान कराना चाहते हैं, वे मंदिर समिति से संपर्क कर पूर्व पंजीयन करा सकते हैं। स्वयं पूजन करने की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।

श्रावण मास को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। मंदिर समिति ने कहा कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का भी अवसर है।

श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे पूरे श्रावण मास में परिवार सहित मंदिर पहुंचकर भगवान नर्मदेश्वर महादेव का दर्शन करें, रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजन में सहभागी बनें और शिव कृपा का लाभ प्राप्त करें। पूरे माह मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक वातावरण का विशेष संगम देखने को मिलेगा।