भरनी-चोरभट्टी में समर्थकों के कार्यक्रम से बिलासपुर-कोटा मार्ग पर करीब आधे घंटे प्रभावित रहा यातायात..

बिलासपुर। तखतपुर के भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह का जन्मदिन रविवार को उनके समर्थकों ने अलग-अलग क्षेत्रों में उत्साह के साथ मनाया। भरनी और चोरभट्टी में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी। केक काटने, आतिशबाजी और विधायक के संबोधन के बीच बिलासपुर-कोटा मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और करीब आधे घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
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बताया गया कि विधायक के समर्थक सड़क किनारे जन्मदिन का कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे। विधायक ने भी मौके पर लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
तीज पर घर लौट रहे लोग भी जाम में फंसे..
रविवार को तीज पर्व होने के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं और अन्य लोग अपने घरों की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान जाम लगने से उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ा। राहगीरों को काफी देर तक सड़क साफ होने का इंतजार करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विधायक का काफिला आगे बढ़ता गया, लेकिन पीछे वाहनों की कतार भी बढ़ती चली गई।
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जन्मदिन समारोह और समर्थकों का उत्साह अपनी जगह है, लेकिन सार्वजनिक सड़क पर कार्यक्रम होने से यदि आम लोगों का यातायात प्रभावित होता है तो यह व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाता है। खासकर त्योहार के दिन जब सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक आवाजाही रहती है, ऐसे आयोजनों को लेकर यातायात प्रबंधन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रमों में भी यातायात व्यवस्था जरूरी..
इस घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आम लोगों के लिए सार्वजनिक सड़क पर कार्यक्रम आयोजित करने और यातायात बाधित करने को लेकर जो नियम लागू होते हैं, क्या राजनीतिक और सामाजिक आयोजनों में भी उसी तरह उनका पालन नहीं होना चाहिए? जनप्रतिनिधियों के समर्थकों द्वारा किए जाने वाले आयोजनों में भी यातायात व्यवस्था और आम लोगों की सुविधा को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है।
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बिलासपुर-कोटा मार्ग पर जाम की स्थिति ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि सार्वजनिक सड़कों पर होने वाले आयोजनों के लिए प्रशासन और आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय क्यों न हो, ताकि उत्सव भी हो और आम जनता को परेशानी भी न उठानी पड़े।







