

दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश, चुनाव रद्द करने की प्रक्रिया पर उठे सवाल..

बिलासपुर।बिलासपुर प्रेस क्लब के चुनाव को रद्द किए जाने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने इस प्रकरण में दायर याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य शासन, फर्म एवं सोसाइटी के रजिस्ट्रार, सहायक पंजीयक, प्रेस क्लब और शिकायतकर्ताओं सहित सभी पक्षों को दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
मामला 19 सितंबर 2025 को हुए प्रेस क्लब के कार्यकारिणी चुनाव से जुड़ा है। इस चुनाव में दिलीप यादव अध्यक्ष, गोपी डे उपाध्यक्ष, संदीप करिहार सचिव, लोकेश बाघमारे कोषाध्यक्ष, रमेश राजपूत सह सचिव और कैलाश यादव कार्यकारिणी सदस्य चुने गए थे। चुनाव के परिणाम के बाद पराजित उम्मीदवारों ने इसकी शिकायत सहायक पंजीयक से की।
आरोप है कि सहायक पंजीयक ने बिना विस्तृत जांच के चुनाव रद्द करने की अनुशंसा कर दी, जिसके आधार पर रजिस्ट्रार ने 18 नवंबर 2025 को चुनाव निरस्त कर नया चुनाव कराने का आदेश जारी कर दिया। इसके बाद प्रेस क्लब पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।
इस कार्रवाई के खिलाफ हटाए गए अध्यक्ष दिलीप यादव ने पहले अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील दायर की। अपीलीय अधिकारी ने अपने आदेश में माना कि चुनाव रद्द करने की अनुशंसा कानून के अनुरूप नहीं थी, लेकिन यह कहते हुए अपील खारिज कर दी कि अपीलकर्ता नए चुनाव में भाग ले चुका है।
याचिकाकर्ता ने अब हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा है कि प्रेस क्लब एक निजी संस्था है, जिस पर संबंधित धारा लागू नहीं होती। साथ ही, चुनाव रद्द करने से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन भी नहीं किया गया।
सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई अब जवाब प्रस्तुत होने के बाद होगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रेस क्लब की कार्यप्रणाली और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



