रेलवे स्टेशन के पास बेचने की फिराक में घूम रहे थे आरोपी, दो चोर और दो खरीददार गिरफ्तार; ACCU व सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त कार्रवाई..

बिलासपुर। शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बिलासपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो वाहन चोरों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद की है, जिनकी चोरी की घटनाएं सिविल लाइन, बिल्हा और सिरगिट्टी थाना क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं।
पुलिस के अनुसार लंबे समय से दर्ज वाहन चोरी के मामलों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक चोरी के वाहन बेचने की नीयत से बिलासपुर रेलवे स्टेशन रोड के आसपास घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही ACCU और सिविल लाइन थाना की टीम ने संयुक्त रूप से घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम दुर्गेश निषाद (23 वर्ष) और ईश्वर निषाद (19 वर्ष) निवासी लालखदान केवटपारा, थाना तोरवा बताए। शुरूआती पूछताछ में ही दोनों ने वाहन चोरी की कई वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के वाहनों को खरीदने वाले दो अन्य आरोपियों आशुतोष कुमार मिरी (29 वर्ष) निवासी चुइहापारा सिरगिट्टी तथा लक्ष्मण विश्वकर्मा उर्फ गोविंदा (29 वर्ष) निवासी लालखदान क्षेत्र को भी गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वर्ष 2023 में सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित बिलासा छात्रावास के सामने शीतला माता मंदिर के पास खड़ी एक सफेद एक्टिवा स्कूटी चोरी की थी। इसके अलावा जून 2026 में बिल्हा क्षेत्र के दगौरी से एक मोटरसाइकिल चोरी की गई थी। वहीं तोरवा क्षेत्र के चुइहापारा ओवरब्रिज के नीचे से भी एक अन्य बाइक चोरी करने की बात आरोपियों ने कबूल की है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सफेद रंग की एक्टिवा स्कूटी क्रमांक CG-10-JD-3517, मोटरसाइकिल क्रमांक CG-10-EE-2063 तथा मोटरसाइकिल क्रमांक CG-10-BN-1522 बरामद की है। बरामद वाहनों की पहचान संबंधित मामलों से की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों द्वारा चोरी किए गए वाहनों को कम कीमत पर बेच दिया जाता था या फिर व्यक्तिगत उपयोग में लिया जाता था। पूछताछ में यह भी पता चला कि चोरी के वाहन खरीदने वाले आरोपी इनके चोरी का होने की जानकारी होने के बावजूद सौदा कर रहे थे।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को वाहन चोरी के मामलों में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। आशंका है कि गिरोह अन्य वारदातों में भी शामिल हो सकता है।
चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करें तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।







