रायपुर। एक वेटर को जब उसकी मेहनत का पैसा नहीं मिला, तो उसने अपराध का ऐसा रास्ता चुना जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। हम बात कर रहे हैं 69 साल के बिंगसन जॉन की। यह कोई आम चोर नहीं है, बल्कि कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज के काम करने के तरीके से प्रभावित एक ऐसा ठग है, जिसने देश भर के 300 से ज्यादा 5 सितारा होटलों को अपना शिकार बनाया। रायपुर पुलिस ने इस अंतरराज्यीय ठग को गुरुवार को ओडिशा के भुवनेश्वर से पकड़ लिया है।

होटल हयात से शुरू हुई तलाश..
इस बार आरोपी का शिकार बना रायपुर के तेलीबांधा इलाके में स्थित फाइव स्टार होटल हयात। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, बिंगसन जॉन 25 जून को अपनी फर्जी पहचान के साथ इस होटल में आकर रुका था। उसने यहां जमकर होटल की सुविधाओं का उपयोग किया और 27 जून की सुबह बिना चेक-आउट किए ही चुपचाप वहां से खिसक गया।
उसने न तो 63,755 रुपए का बिल चुकाया और न ही होटल का कीमती सामान छोड़ा। उसने अपने काम के लिए होटल से करीब 1.48 लाख रुपए का लैपटॉप किराए पर मांगा था, जिसे वह अपने साथ लेकर भाग गया। जब होटल प्रबंधन ने उससे संपर्क करना चाहा, तो आरोपी के दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले। इसके बाद होटल के सिक्योरिटी इंचार्ज सूरज सिंह ने थाने में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
72 घंटे के भीतर पुलिस के हत्थे चढ़ा..
शिकायत आते ही तेलीबांधा थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त टीम ने अपनी जांच शुरू कर दी। टीम ने होटल में जमा किए गए फर्जी दस्तावेजों और मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की। इसी जांच से आरोपी की लोकेशन ओडिशा के भुवनेश्वर में मिली। रायपुर पुलिस की टीम तुरंत वहां पहुंची और घटना के सिर्फ 72 घंटे के अंदर ही उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से होटल का चोरी किया गया लैपटॉप भी बरामद कर लिया है।
विदेशी गाइड और योगा टीचर बनकर करता था एंट्री..
पूछताछ में जो बातें सामने आईं, वे हैरान करने वाली हैं। बिंगसन जॉन ने बताया कि वह साल 1990 से ही होटलों में ठगी और चोरी कर रहा है। वह अपना नाम और पहचान बदल-बदल कर महंगे होटलों में ठहरता था। कभी वह खुद को विदेशी ट्रैवल गाइड बताता, तो कभी इंग्लिश या योगा टीचर। वह कई दिनों तक फाइव स्टार होटलों में रुकता और मौका देखकर बिना बिल दिए फरार हो जाता था।
15 साल जेल में गुजार चुका है आरोपी..
मूल रूप से तमिलनाडु के तूतीकोरिन का रहने वाला यह आरोपी अब तक देश की अलग-अलग जेलों में लगभग 15 साल गुजार चुका है। पुलिस ने बताया कि वह पहली बार साल 1996 में तिहाड़ जेल गया था। शुरुआती दिनों में वह सिर्फ एक वेटर का काम करता था, लेकिन आज वह देश भर के पुलिस थानों के लिए सिरदर्द बन चुका है।
रायपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब दूसरे राज्यों से भी उसके खिलाफ दर्ज मामलों का रिकॉर्ड इकट्ठा कर रही है।







