साइबर ठगी के खिलाफ अब ‘एक सेल्फी’ बनेगी हथियार, 15 अगस्त से शुरू होगा सात सप्ताह का अभियान..

स्वतंत्रता दिवस से गांधी जयंती तक चलेगा ‘साइबर जागृति अभियान’, स्कूल-कॉलेज से लेकर बैंक, बाजार और ग्राम पंचायतों तक पहुंचाया जाएगा सुरक्षा का संदेश..

रायपुर/गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। देश की आजादी के बाद अब डिजिटल दुनिया में साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता की नई मुहिम शुरू होने जा रही है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने प्रदेश को साइबर अपराध से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक सात सप्ताह का ‘साइबर जागृति अभियान’ शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान की खासियत यह होगी कि इसमें पुलिस के साथ आम नागरिक भी सीधे भागीदार बनेंगे। ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ के जरिए साइबर सुरक्षा का संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

अभियान के तहत छत्तीसगढ़ पुलिस और संबंधित जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल पर लिंक जारी किया जाएगा। लोग लिंक पर क्लिक या QR कोड स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में अपनी तस्वीर ले सकेंगे। इसके बाद वे अपनी सेल्फी सोशल मीडिया पर शेयर करेंगे। पुलिस का उद्देश्य है कि एक व्यक्ति की पोस्ट उसके परिवार, दोस्तों, फॉलोअर्स और परिचितों तक पहुंचे और इस तरह साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता का संदेश व्यापक स्तर पर फैले।

आजादी की भावना से साइबर अपराध के खिलाफ एकजुटता..

पुलिस ने इस अभियान को स्वतंत्रता दिवस से जोड़ते हुए इसे जनभागीदारी का स्वरूप दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह 15 अगस्त 1947 को देशवासियों की एकजुटता से देश को आजादी मिली, उसी तरह साइबर अपराध के खिलाफ भी समाज के हर वर्ग को मिलकर जागरूकता की लड़ाई लड़नी होगी।

अभियान का उद्देश्य केवल साइबर ठगी के मामले सामने आने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को पहले से सतर्क करना है, ताकि वे ठगों के झांसे में आने से बच सकें। इसके लिए अलग-अलग आयु और सामाजिक वर्गों को ध्यान में रखकर सात सप्ताह का कार्यक्रम तैयार किया गया है।

सात सप्ताह, सात मुद्दे और हर वर्ग तक पहुंचेगा संदेश..

अभियान के दौरान प्रत्येक सप्ताह साइबर अपराध से जुड़े अलग-अलग विषयों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पहला सप्ताह-डिजिटल सतर्कता :

स्कूल और कॉलेजों में विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा, सुरक्षित मोबाइल इस्तेमाल और इंटरनेट पर सावधानी बरतने के बारे में जानकारी दी जाएगी।

दूसरा सप्ताह-UPI और वित्तीय सुरक्षा :

बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के सहयोग से ऑनलाइन लेन-देन, UPI और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

तीसरा सप्ताह-डिजिटल अरेस्ट से बचाव :

वरिष्ठ नागरिकों के लिए टाउन हॉल आयोजित किए जाएंगे। फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर फोन करने, डराने-धमकाने और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताए जाएंगे।

चौथा सप्ताह-महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा :

महिला कॉलेजों और सामुदायिक समूहों में स्मार्टफोन प्राइवेसी तथा सुरक्षित ब्राउजिंग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम होंगे।

पांचवां सप्ताह-युवाओं को नौकरी के नाम पर ठगी से बचाना :

रोजगार कार्यालयों, आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में युवाओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग के प्रति जागरूक किया जाएगा।

छठा सप्ताह-डेटा और सोशल मीडिया सुरक्षा :

लोगों को निजी डेटा की सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी।

सातवां सप्ताह-साइबर मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प :

गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में ‘साइबर मुक्त छत्तीसगढ़’ बनाने का संकल्प अभियान चलाया जाएगा।

चौक-चौराहों से सोशल मीडिया तक QR कोड का प्रचार..

अभियान के दौरान जिला पुलिस की टीमें और स्थानीय थाने सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, पार्कों और बाजारों में पोस्टर-बैनर लगाकर QR कोड का प्रचार करेंगे। लोगों को बताया जाएगा कि QR कोड स्कैन कर वे अभियान से कैसे जुड़ सकते हैं और जागरूकता वाली सेल्फी सोशल मीडिया पर कैसे साझा कर सकते हैं।

इसके साथ ही राज्य पुलिस और जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल, व्हाट्सऐप ग्रुप्स तथा अन्य डिजिटल माध्यमों से अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। पुलिस का प्रयास है कि साइबर सुरक्षा का संदेश केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों और छोटे कस्बों तक भी पहुंचे।

सामाजिक संगठनों और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स से भागीदारी की अपील..

पुलिस ने सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों, संस्थानों के पदाधिकारियों, गणमान्य नागरिकों, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, प्रोफेशनल्स और कलाकारों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। पुलिस का मानना है कि इन वर्गों की भागीदारी से जागरूकता का संदेश कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।

2 अक्टूबर को होगा अभियान का समापन..

15 अगस्त से शुरू होने वाला यह सात सप्ताह का अभियान 2 अक्टूबर 2026, गांधी जयंती के दिन समाप्त होगा। अंतिम चरण में ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में साइबर अपराध से बचाव और सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण का संकल्प लिया जाएगा।

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में तकनीकी कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। इसी सोच के साथ ‘साइबर जागृति अभियान’ के माध्यम से लोगों को सतर्क, जागरूक और साइबर सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जाएगा।

पुलिस की अपील..

एक सेल्फी लें, जागरूकता का संदेश शेयर करें और साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता की इस मुहिम का हिस्सा बनें। आपकी एक पोस्ट किसी दूसरे व्यक्ति को साइबर ठगी का शिकार होने से बचा सकती है।