बच्चों के नवाचारों से सजी राज्योत्सव की शिक्षा प्रदर्शनी, इंस्पायर अवार्ड में बिलासपुर प्रदेश में अव्वल..

तारबाहर विद्यालय के शिक्षण मॉडल बने आकर्षण, राष्ट्रीय स्तर पर चयनित तृषा और रेणुका के प्रोजेक्ट ने दिखाई विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच..

बिलासपुर। पढ़ाई अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गई है। बच्चे अपनी कल्पनाशीलता, प्रयोग और वैज्ञानिक सोच के जरिए ऐसी तकनीकें विकसित कर रहे हैं, जो समाज की समस्याओं का समाधान तलाशने में मददगार साबित हो सकती हैं। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में पुलिस ग्राउंड पर शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा स्टॉल में इसी बदलती शिक्षा व्यवस्था की झलक देखने को मिली। यहां तारबाहर विद्यालय की शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम), गतिविधि आधारित शिक्षण के मॉडल और इंस्पायर अवार्ड के तहत विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए नवाचारी प्रोजेक्ट लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। प्रदर्शनी ने यह संदेश दिया कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर स्कूली विद्यार्थी भी बड़े वैज्ञानिक विचारों को आकार दे सकते हैं।

राज्योत्सव में शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल शैक्षणिक गतिविधियों को प्रदर्शित करना नहीं था, बल्कि यह बताना भी था कि नई शिक्षा पद्धति में बच्चों को समझकर सीखने, प्रयोग करने और अपनी कल्पनाओं को वास्तविक रूप देने के अवसर मिल रहे हैं। तारबाहर विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने अपने प्रयासों से इस पहल को प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया।

कठिन विषयों को सरल बनाने वाले मॉडल बने आकर्षण..

तारबाहर विद्यालय की ओर से गणित, विज्ञान, हिंदी और सामान्य ज्ञान जैसे विषयों पर आधारित विभिन्न शिक्षण-अधिगम सामग्री प्रस्तुत की गई। इन मॉडलों के माध्यम से कठिन विषयों और अवधारणाओं को सरल, रोचक और सहज तरीके से समझाने का प्रयास किया गया। पारंपरिक पढ़ाई से अलग इन गतिविधियों में बच्चों की भागीदारी और समझ को प्राथमिकता दी गई।

बैगलेस डे के तहत तैयार किए गए वर्किंग मॉडल भी प्रदर्शनी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। इन मॉडलों ने यह दिखाया कि जब विद्यार्थियों को नियमित कक्षा की पढ़ाई से अलग प्रयोग और गतिविधियों का अवसर मिलता है, तो उनकी रचनात्मकता को नई दिशा मिलती है। ऐसे प्रयास बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उनकी समस्या समाधान क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक हैं।

प्रधान पाठिका श्रीमती पूजा तिवारी के मार्गदर्शन में शिक्षिका श्रीमती माधुरी निर्मलकर और श्रीमती ईश्वरी अय्यर ने प्रदर्शनी की तैयारी में विशेष योगदान दिया। सीएमडी कॉलेज के डीएलएड तथा बीटीआई कॉलेज के प्रशिक्षार्थियों ने भी इसमें सहभागिता निभाई। शिक्षकों और प्रशिक्षार्थियों के संयुक्त प्रयासों से प्रदर्शनी में शिक्षा के व्यावहारिक और नवाचारी स्वरूप को सामने लाया गया।

थूकने की समस्या से लेकर बारिश में बैग की सुरक्षा तक, छात्राओं ने खोजे तकनीकी समाधान..

प्रदर्शनी का सबसे खास आकर्षण इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित छात्राओं कुमारी तृषा कमलेश और कुमारी रेणुका धनुआर के नवाचारी मॉडल रहे। बिल्हा विकासखंड की इन छात्राओं ने अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से रोजमर्रा की समस्याओं को तकनीकी समाधान से जोड़ने की सोच प्रस्तुत की।

रेणुका धनुआर का ‘वॉल माउंट स्पिट डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम’ सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की समस्या को नियंत्रित करने की परिकल्पना पर आधारित है। यह मॉडल स्वच्छता से जुड़ी एक गंभीर सामाजिक समस्या के समाधान के लिए तकनीक के उपयोग का विचार प्रस्तुत करता है।

वहीं तृषा कमलेश का ‘वेदर गार्ड स्मार्ट बैग’ बारिश और नमी से बचाव की तकनीक पर आधारित है। इस मॉडल में मौसम में बदलाव या बारिश का संकेत मिलने पर बैग से स्वतः छाता खुलने की व्यवस्था की परिकल्पना की गई है। यह नवाचार विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता के साथ उनकी व्यावहारिक सोच को भी दर्शाता है।

दोनों छात्राओं ने मेंटर टीचर एम. गायत्री के मार्गदर्शन में दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की गतिविधि में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया था। राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित इन मॉडलों ने राज्योत्सव की प्रदर्शनी में भी लोगों का ध्यान खींचा।

इंस्पायर अवार्ड में 4209 पंजीयन के साथ बिलासपुर प्रदेश में प्रथम..

विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के मामले में बिलासपुर जिले ने एक और उपलब्धि हासिल की है। सत्र 2026-27 में इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत जिले के चारों विकासखंडों से कुल 4,209 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। पंजीयन की संख्या के आधार पर बिलासपुर पूरे छत्तीसगढ़ में पहले स्थान पर रहा।

यह उपलब्धि जिले में विज्ञान शिक्षा, नवाचार और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है। वहीं सत्र 2025-26 में जिले के 115 विद्यार्थियों का जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ था। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने मौलिक विचारों और वैज्ञानिक परिकल्पनाओं को मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।

बिलासपुर में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का पंजीयन यह संकेत देता है कि स्कूली स्तर पर विज्ञान और नवाचार के प्रति रुचि बढ़ रही है। ऐसे मंच बच्चों को केवल प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर नहीं देते, बल्कि उनमें नई सोच विकसित करने और अपने विचारों को समाज के उपयोग से जोड़ने की प्रेरणा भी देते हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया अवलोकन, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सराहना..

राज्योत्सव में शिक्षा विभाग के स्टॉल का संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडेय और बीईओ भूपेंद्र कौशिक सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने अवलोकन किया।

अधिकारियों ने प्रदर्शनी में प्रस्तुत शिक्षण सामग्री, वर्किंग मॉडल और विद्यार्थियों के नवाचारी प्रोजेक्ट को देखा। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। प्रदर्शनी में प्रस्तुत मॉडल इस बात का उदाहरण रहे कि शिक्षा को प्रयोग और गतिविधियों से जोड़कर बच्चों की प्रतिभा को बेहतर तरीके से सामने लाया जा सकता है।

‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम पर सजा राज्योत्सव..

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में विकसित छत्तीसगढ़ की तस्वीर को ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम के साथ प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ग्राउंड में लगाए गए 40 स्टॉलों के माध्यम से नागरिकों को जनकल्याणकारी योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और तकनीकी नवाचारों की जानकारी दी जा रही है।

इसी क्रम में शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी ने राज्योत्सव को विद्यार्थियों की प्रतिभा और शैक्षणिक नवाचारों से जोड़ा। तारबाहर विद्यालय की टीएलएम से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चयनित छात्राओं के मॉडल और इंस्पायर अवार्ड में बिलासपुर की उपलब्धि तक, प्रदर्शनी ने शिक्षा के बदलते स्वरूप को सामने रखा।

राज्योत्सव में प्रस्तुत यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि विद्यार्थियों को यदि उचित मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर मिलें, तो वे अपनी रचनात्मकता को उपयोगी नवाचारों में बदल सकते हैं। स्कूली स्तर पर विकसित हो रही यही वैज्ञानिक सोच भविष्य में समाज और देश के लिए नए समाधान तैयार करने की मजबूत आधारशिला बन सकती है।