लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची की शुद्धता जरूरी, हर पात्र नागरिक का वोट सुरक्षित रहना चाहिए : डॉ. वीरेन्द्र कुमार

बिलासपुर में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना, एसआईआर को बताया लोकतंत्र को मजबूत करने की संवैधानिक प्रक्रिया..

तोखन साहू बोले- चुनाव हारने पर वोट चोरी का आरोप लगाती है कांग्रेस, अरुण साव ने राहुल गांधी पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप; अमर अग्रवाल ने आपातकाल की याद दिलाते हुए कांग्रेस को घेरा..

बिलासपुर। मतदाता सूची की शुद्धता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को बिलासपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली। गांधी चौक से नेहरू चौक तक निकली इस पदयात्रा में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार सहित केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और नगर विधायक अमर अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेता, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। नेहरू चौक पहुंचने के बाद पदयात्रा सभा में बदल गई। यहां नेताओं ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण), मतदाता सूची की शुद्धता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद निर्वाचन प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि भारत केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र नहीं है, बल्कि यहां लोकतांत्रिक परंपराओं और मूल्यों की समृद्ध विरासत भी रही है। लोकतंत्र की असली ताकत जनता के विश्वास, उसके मताधिकार और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया में होती है। इसलिए मतदाता सूची का शुद्ध और त्रुटिरहित होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी के तहत होने वाली स्थापित प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाना है। मतदाता सूची में मृत, स्थानांतरित और दोहरे पंजीकरण वाले नामों का नियमानुसार निराकरण जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि कोई पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न हो।

13 करोड़ नाम हटाने की चर्चा पर बोले- तथ्यों के आधार पर हो समीक्षा..

केंद्रीय मंत्री ने एसआईआर को लेकर देश में करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन आंकड़ों को सही संदर्भ में समझने की जरूरत है। इनमें स्थानांतरित, अनुपस्थित, मृत घोषित और दोहरे पंजीकरण से जुड़ी प्रविष्टियां शामिल होने की बात कही जा रही है। ऐसे प्रत्येक मामले का उचित सत्यापन होना चाहिए। किसी भी पात्र मतदाता को अपना पक्ष रखने और नियमानुसार अपील करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 324 का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग को चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की जिम्मेदारी दी गई है। मतदाता सूची का पुनरीक्षण भी इसी संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा है। लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों पर सवाल उठाना और उनकी समीक्षा करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन असहमति तथ्यों, तर्कों और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए। संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

डॉ. कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए देश की भाषाई विविधता, स्वतंत्र विचारों और संवाद की परंपरा को दुनिया के सामने रखा है। भारतीय लोकतंत्र की विशेषता यही है कि यहां अलग-अलग विचारों, आलोचनाओं और असहमतियों के लिए पर्याप्त स्थान है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची तैयार करना निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है और एसआईआर इसी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मतदाता सूची से नाम हटने का मतलब सुविधाएं खत्म होना नहीं..

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एसआईआर को लेकर समाज में फैल रही भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है। मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटने मात्र से राशन, पेंशन या पासपोर्ट जैसी सुविधाएं अपने आप समाप्त नहीं हो जातीं। पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। युवाओं को भी मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूक होना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक शक्ति है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल, जवाबदेही और असहमति तीनों का अपना महत्व है। संसद, न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के साथ संवैधानिक मर्यादाओं का पालन भी जरूरी है। इस पदयात्रा का उद्देश्य लोगों को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करना और मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने में जनभागीदारी बढ़ाना है।

तोखन साहू बोले- चुनाव हारने पर वोट चोरी का आरोप लगाती है कांग्रेस..

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस जब चुनाव हारती है तो वोट चोरी का आरोप लगाने लगती है। लोकतंत्र खतरे में होने की बात कहने वाली कांग्रेस का यह दोहरा चरित्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में अराजकता का माहौल बनाने और लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जब भी लोकतंत्र के सामने चुनौती आती है, देशभक्त नागरिक उसकी रक्षा के लिए आगे आते हैं।

तोखन साहू ने अपने संबोधन में डॉ. भीमराव आंबेडकर के चुनाव का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि एक समय षड्यंत्र के तहत उनके 75 हजार वोट हटाए गए थे, जिसके कारण उन्हें करीब 15 हजार मतों से हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए जागरूकता और जनभागीदारी जरूरी है।

अरुण साव बोले- जनता कांग्रेस के आरोपों को समझ चुकी है..

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार वोट चोरी का आरोप लगाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता जब कांग्रेस को समर्थन नहीं देती तो पार्टी अपनी हार का ठीकरा चुनाव प्रक्रिया पर फोड़ने लगती है। जनता अब ऐसे आरोपों और बयानों को समझ चुकी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को देश और जनता के हितों से अधिक एक परिवार की चिंता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। साव ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन अराजकता और भ्रम फैलाने की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

अमर अग्रवाल ने आपातकाल की याद दिलाकर कांग्रेस को घेरा..

पूर्व मंत्री एवं नगर विधायक अमर अग्रवाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज लोकतंत्र की दुहाई देने वाली कांग्रेस का इतिहास आपातकाल से जुड़ा है। जिस पार्टी ने आपातकाल लगाकर नागरिकों की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया और लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित किया, वही आज लोकतंत्र को खतरे में बता रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की वर्तमान राजनीति पर ‘चोर मचाए शोर’ वाली कहावत सटीक बैठती है।

अमर अग्रवाल ने कहा कि देश ने लंबे समय तक नक्सलवाद का दंश झेला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से देश के विकास को नई गति मिली है और विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में काम हुआ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर जनता के बीच भ्रम और अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। भाजपा और उसके कार्यकर्ता लोकतांत्रिक मूल्यों तथा संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

गांधी चौक से नेहरू चौक तक निकली पदयात्रा..

इससे पहले शनिवार दोपहर गांधी चौक से पदयात्रा की शुरुआत हुई। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक अमर अग्रवाल सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और अभियान के संदेश लेकर नेहरू चौक तक पहुंचे। पूरे मार्ग में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और नागरिकों की मौजूदगी रही। नेहरू चौक पर आयोजित सभा में नेताओं ने लोकतंत्र, मताधिकार और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर पार्टी का पक्ष रखा।

पदयात्रा में बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रजनीश सिंह, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, पूर्व सांसद लखनलाल साहू, प्रदेश मंत्री हर्षिता पाण्डेय, संभाग सहप्रभारी अभिषेक शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह, ग्रामीण जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।