सरकंडा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, लूटे गए जेवर खरीदने वाले सराफा कारोबारियों पर भी शिकंजा ; सोने के आभूषण और नकदी बरामद..

बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची को जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर लाखों रुपये और भारी मात्रा में सोने के आभूषण हड़पने के चर्चित मामले में सरकंडा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। इतना ही नहीं, भयादोहन से हासिल किए गए सोने के जेवर खरीदने वाले लोगों को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जनवरी 2025 से 1 जुलाई 2026 के बीच उसकी नाबालिग नातिन को लगातार डरा-धमकाकर और परिवार की हत्या की धमकी देकर आरोपियों ने करीब 14.50 लाख रुपये नकद और लगभग 450 ग्राम सोने के जेवर अपने कब्जे में ले लिए। इस मामले में सरकंडा थाना में अपराध क्रमांक 1122/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने पहले चरण में 2 अगस्त को चार आरोपियों – आयुष यादव, आदर्श शर्मा, प्रिंस साहू और आदित्य पांडे को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने लगातार छापेमारी करते हुए 72 घंटे के भीतर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंच बनाई।
दूसरे चरण की कार्रवाई में पुलिस ने प्रियम शर्मा, आकाश झा और शौर्य करोलिया को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि भयादोहन से प्राप्त सोने के जेवर अवैध रूप से बेच दिए गए थे। इसके बाद पुलिस ने जेवर खरीदने के आरोप में राजेश सोनी उर्फ राजू और खुशबू बुधिया को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर भयादोहन से प्राप्त सोने के आभूषण और नकद राशि बरामद कर जब्त कर ली है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग को मानसिक रूप से भयभीत कर लंबे समय तक आर्थिक शोषण करने वाला यह मामला बेहद संवेदनशील था। त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और लगातार छापेमारी के चलते पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया गया तथा अपराध से अर्जित संपत्ति भी बरामद कर ली गई। मामले की आगे भी विस्तृत जांच जारी है।







