

तेज खबर डेस्क, बिलासपुर : सरकारी दफ्तरों में काम के लिए चक्कर काटने वाली जनता के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।बिलासपुर जिले में 1 मई से ‘सुशासन तिहार’ का शंखनाद होने जा रहा है, जो 10 जून तक चलेगा। यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पेंडिंग फाइलों का दम निकालने का 40 दिवसीय महा-अभियान है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने समय-सीमा (TL) की बैठक में अधिकारियों के पेंच कसते हुए साफ कर दिया है कि इस तिहार में कोई भी आम आदमी परेशान नहीं होना चाहिए। इस बार फोकस ‘दफ्तरों के बजाय जनता के द्वार’ पर है, जिसके तहत गांव-गांव में अफसरों की फौज उतरेगी और मौके पर ही समस्याओं का निपटारा होगा।

राजस्व मामलों पर पैनी नजर : तहसील स्तर पर होगी एक-एक फाइल की ‘सर्जरी’..
इस सुशासन तिहार का सबसे बड़ा एंगल राजस्व से जुड़े लंबित मामलों का निपटारा है। अक्सर सीमांकन और जमीन से जुड़े मामलों में लोगों की चप्पलें घिस जाती हैं। इसे लेकर कलेक्टर ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने अपर कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे एसी कमरों से बाहर निकलें और खुद तहसील स्तर पर जाकर एक-एक लंबित मामले की समीक्षा करें। भू-अर्जन की बकाया राशि का वितरण भी इसी अभियान के तहत प्राथमिकता से पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है। लक्ष्य साफ है – हर योजना में 100% (संतृप्ति स्तर) का टारगेट अचीव करना है, ताकि कोई हितग्राही छूट न जाए।
भीषण गर्मी के बीच ‘प्लान वाटर’ : तालाबों के गहरीकरण से लेकर पौधारोपण तक का जन-आंदोलन..
40 दिन के इस अभियान के बीच नौतपा की प्रचंड गर्मी भी अपना असर दिखाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए सुशासन तिहार को ‘जल संरक्षण’ के महा-अभियान से भी जोड़ा गया है। कलेक्टर अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि नगरीय निकायों में पेयजल की नियमित जांच हो और जल संकट से निपटने के लिए जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। तालाबों का गहरीकरण सिर्फ सरकारी फंड के भरोसे नहीं रहेगा, बल्कि इसे जनसहयोग से एक बड़े जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा। साथ ही बरगद, पीपल, नीम और करंज जैसे पौधे लगाने पर जोर रहेगा, जो न सिर्फ छांव देते हैं बल्कि जमीन के जलस्तर को सहेजने में भी सबसे ज्यादा मददगार होते हैं।
31 ग्रामीण कैंप : शिविर लगने से पहले होगा ‘ग्राउंड जीरो’ का मुआयना..
सुशासन तिहार के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 31 बड़े जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे। लेकिन कलेक्टर का निर्देश है कि ये शिविर महज औपचारिकता बनकर न रह जाएं। अधिकारियों को कैंप लगने से पहले ही गांवों का दौरा कर वहां की नब्ज टटोलने और समस्याओं की एडवांस लिस्ट तैयार करने का टास्क दिया गया है। पिछले साल के जो भी मामले अब तक नहीं सुलझे हैं, उनकी फिर से कुंडली निकाली जाएगी और उनका त्वरित निराकरण किया जाएगा।
हाईटेक पहल : महज 5 मिनट में खुद करें अपनी जनगणना..
बैठक में एक और महत्वपूर्ण अपील आम जनता से की गई है। प्रशासन ने स्व-गणना (Self-Census) को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। कलेक्टर ने बताया कि यह प्रक्रिया इतनी आसान है कि कोई भी नागरिक महज 5 मिनट का समय निकालकर अपने मोबाइल या कंप्यूटर से अपनी गिनती दर्ज कर सकता है। इसके अलावा, हाई कोर्ट में लंबित जवाब-दावा प्रकरणों में भी ढिलाई न बरतते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए गए हैं।कुल मिलाकर बिलासपुर प्रशासन अगले 40 दिनों तक पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में रहने वाला है।
बैठक में निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें इस महा-अभियान को धरातल पर सफल बनाने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।



