24 घंटे में दबोचे गए गौवंश वध के आरोपी, कोटा पुलिस ने गोमांस, हथियार और बाइक की जब्त..

गुप्त सूचना पर दर्रीकापा गांव में छापेमारी, अवैध वध और मांस बिक्री के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए..

बिलासपुर। जिले में गौवंश के अवैध वध और गोमांस के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोटा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को घटना के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 35.40 किलोग्राम गोमांस, वध में इस्तेमाल किए गए हथियार और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में गौवंश के अवैध वध, मांस परिवहन और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह तथा एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी शशिकांत भारद्वाज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की।

जानकारी के मुताबिक, 1 अगस्त को कोटा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम दर्रीकापा में राहुल अनंत और राकेश अनंत अपने घर में गौवंश का अवैध वध कर गोमांस का संग्रहण और बिक्री कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और जांच शुरू की।

जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने राकेश अनंत (36 वर्ष) और राहुल अनंत (23 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 35.40 किलोग्राम गोमांस, हड्डियां, चमड़ी काटने के दो खुरपे, दो टंगिया तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (CG 10 BK 9940) बरामद कर जब्त की गई।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 के तहत मामला दर्ज किया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में गौवंश के अवैध वध और मांस के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस तरह की गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी शशिकांत भारद्वाज, उपनिरीक्षक मीना ठाकुर, सहायक उपनिरीक्षक नहारूराम साहू, पीएसआई ऊषा निषाद, प्रधान आरक्षक गजेंद्र सिंह, उमाशंकर राठौर, आरक्षक संजय श्याम, ज्वाला सिंह और दीप कंवर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।