सिप्ला की डीलरशिप दिलाने के नाम पर 29.35 लाख लेने का आरोप, NSUI प्रदेश अध्यक्ष समेत तीन पर शिकायत..भाजपा ने बोला हमला.. देखें वीडियो..

अमित चिमनानी बोले – कांग्रेस की सरकार गई, लेकिन भ्रष्टाचार की आदत नहीं गई, कांग्रेसियों को भ्रष्टाचार से प्यार..

रायपुर। सिप्ला कंपनी की छत्तीसगढ़ में एजेंसी (डीलरशिप) दिलाने का झांसा देकर करीब 29.35 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। रायपुर निवासी राजू सोनकर ने पुलिस कमिश्नर के समक्ष शिकायत देकर इन्द्रासन पाण्डेय, दीपक पाण्डेय और NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि तीनों ने कंपनी में डीलरशिप दिलाने के नाम पर अलग-अलग समय में उससे रकम ली, लेकिन डीलरशिप नहीं दिलाई और बाद में रकम लौटाने से भी इनकार कर दिया।

शिकायत के अनुसार, इन्द्रासन पाण्डेय से पूर्व परिचय के चलते राजू सोनकर की मुलाकात उसके भतीजे बताए गए नीरज पाण्डेय और दीपक पाण्डेय से हुई। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसे बताया गया कि दीपक पाण्डेय की सिप्ला कंपनी में ऊंचे पद पर पहुंच है, जबकि नीरज पाण्डेय की राजनीतिक क्षेत्र में अच्छी पहचान है। इसी प्रभाव के आधार पर उसे कंपनी की एजेंसी दिलाने और बाद में अस्पतालों में दवाइयों की सप्लाई का काम दिलाने का भरोसा दिया गया।

अलग-अलग खातों और माध्यमों से भुगतान का दावा..

राजू सोनकर ने शिकायत में दावा किया है कि उसने 3 फरवरी 2023 से 14 अगस्त 2024 के बीच इन्द्रासन पाण्डेय को फोन-पे और आरटीजीएस के जरिए 4.32 लाख रुपये दिए। इसके अलावा उसकी पत्नी गीता सोनकर के खाते से करीब 42 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इन्द्रासन के कहने पर एक लाख रुपये कविता सारथी के NGO में जमा कराए गए।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, नीरज पाण्डेय के कहने पर अलग-अलग तारीखों में फोन-पे और आरटीजीएस के माध्यम से करीब 18.42 लाख रुपये तथा 4.30 लाख रुपये नकद दिए गए। वहीं दीपक पाण्डेय के कहने पर पत्नी के खाते से 95 हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान किए जाने का दावा किया गया है।

शिकायतकर्ता ने इन सभी भुगतानों को जोड़ते हुए कुल 29 लाख 35 हजार 440 रुपये दिए जाने का दावा किया है।

डीलरशिप नहीं मिली तो दूसरे कामों का दिया भरोसा..

शिकायत में राजू सोनकर ने आरोप लगाया है कि जब लंबे समय तक सिप्ला की डीलरशिप नहीं मिली तो उसे डीकेएस अस्पताल की कैंटीन का काम दिलाने की बात कही गई। इसके बाद रेत खदान का काम दिलाने और फिर उसे तथा उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

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शिकायतकर्ता का आरोप है कि हर बार उसे आश्वासन देकर समय टाला जाता रहा। बाद में जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया। शिकायत में तीनों पर धमकी देने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी देने का भी आरोप लगाया गया है।

राजू सोनकर ने पुलिस कमिश्नर से पूरे मामले की जांच कर तीनों आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने और उसकी रकम वापस दिलाने की मांग की है।

भाजपा ने साधा निशाना, अमित चिमनानी बोले – ‘कांग्रेसियों को भ्रष्टाचार से प्यार’

मामला सामने आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोला है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने NSUI प्रदेश अध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों को लेकर कहा कि कांग्रेस की सरकार भले ही चली गई हो, लेकिन कांग्रेस नेताओं की भ्रष्टाचार और गलत तरीके से कमाई करने की आदत नहीं गई है।

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चिमनानी ने आरोप लगाया कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में जिस तरह का राजनीतिक माहौल था, युवा नेताओं ने भी उसी से सीख ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हों या युवा नेता, सभी को भ्रष्टाचार से प्यार है।

हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने और आरोपों की पुष्टि होने से पहले शिकायत में लगाए गए आरोपों को साबित तथ्य नहीं माना जा सकता। अब पुलिस की जांच में ही यह स्पष्ट होगा कि रकम किस उद्देश्य से ली गई, संबंधित लोगों की भूमिका क्या थी और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

डिस्क्लेमर : इस समाचार में राजू सोनकर द्वारा पुलिस कमिश्नर को दी गई शिकायत में लगाए गए आरोपों और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी की राजनीतिक प्रतिक्रिया को उनके दावों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित मामले में पुलिस जांच एवं कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी। समाचार का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि शिकायत और उस पर आई राजनीतिक प्रतिक्रिया की जानकारी देना है।