मेधावी बेटियों का सम्मान कर बढ़ाया हौसला, शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का दिया संदेश..

मिथिलेश निर्मलकर स्मृति बालिका प्रतिभा सम्मान समारोह में कक्षा 10वीं-12वीं की छात्राओं को पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित..

बिलासपुर। बेटियों की प्रतिभा को पहचान और उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में नरियरा में श्रीमती स्वर्गीय मिथिलेश निर्मलकर स्मृति बालिका प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कनौजे रजक समाज की मेधावी छात्राओं के सम्मान के लिए आयोजित इस समारोह में कक्षा 10वीं और 12वीं में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्राओं को पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।

समारोह का शुभारंभ बाबा संत गाडगे जी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद स्वर्गीय श्रीमती मिथिलेश निर्मलकर के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। आयोजन का उद्देश्य समाज की प्रतिभावान बालिकाओं को सम्मानित कर उन्हें उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कनौजे रजक समाज बिलासपुर के संभागीय अध्यक्ष लक्ष्मीकांत निणे॔जक ने कहा कि बेटियों को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। प्रतिभावान छात्राओं को समय-समय पर सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है तथा वे भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होती हैं। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

विशिष्ट अतिथि एवं कनौजे रजक समाज के संभागीय महासचिव शाखाराम निर्मलकर ने कहा कि किसी व्यक्ति के जाने के बाद भी उसके आदर्श और स्मृतियों को समाजहित के कार्यों के माध्यम से जीवित रखना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का यह प्रयास समाज में शिक्षा का प्रकाश फैलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने समाज के संभाग, जिला और परिक्षेत्र स्तर के पदाधिकारियों से भी ऐसे आयोजनों से प्रेरणा लेकर शिक्षा और सामाजिक एकता के लिए आगे आने का आह्वान किया।

उन्होंने समाज को जोड़ने और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आयोजन के संयोजक बद्री विशाल निर्मलकर के प्रयासों की सराहना की।

पूर्व महासचिव, कनौजे रजक समाज समिति बिलासपुर गंगेयलाल निर्मलकर ने बालिका शिक्षा के साथ महिला सशक्तिकरण और सामाजिक एकता को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षित बेटियां परिवार के साथ-साथ समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

एनटीपीसी से सेवानिवृत्त सुशील निर्मलकर ने कहा कि एक व्यक्ति के व्यक्तिगत प्रयास से यदि समाज की बालिकाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसा आयोजन किया जा सकता है, तो पूरा समाज मिलकर जिला और संभाग स्तर पर भी इस तरह की पहल कर सकता है। उन्होंने समाज के लोगों से मेधावी बालक-बालिकाओं की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें लगातार प्रोत्साहित करने की अपील की।

कई वर्षों से जारी है सम्मान की परंपरा..

आयोजन समिति के संयोजक बद्री विशाल निर्मलकर ने बताया कि स्वर्गीय श्रीमती मिथिलेश निर्मलकर की स्मृति और उनकी सप्तम पुण्यतिथि के अवसर पर पिछले कई वर्षों से यह सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य समाज की मेधावी बालिकाओं को सम्मानित कर उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को प्रोत्साहन मिलने से विद्यार्थियों में आगे बढ़ने का उत्साह पैदा होता है।

पुरस्कार पाकर खिले छात्राओं के चेहरे..

समारोह में चयनित छात्राओं को प्रथम पुरस्कार के रूप में 3100 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 2100 रुपये और तृतीय पुरस्कार 1100 रुपये, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। इसके अलावा अन्य पात्र मेधावी छात्राओं को 501 रुपये, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद छात्राओं के चेहरों पर खुशी और उत्साह नजर आया।

कार्यक्रम में कनौजे रजक समाज के संभागीय कोषाध्यक्ष हरिशंकर उजागर, संभागीय सचिव एवं छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ बिलासपुर के चंद्र कुमार निणे॔जक, रामेश्वर निर्मलकर, ध्रुव बरेठ, नारद रजक, विमल रजक, वल्लभ रजक, प्यारेलाल निर्मलकर, विनोद कुमार निर्मलकर, जगदीश प्रसाद निर्मलकर, संतोषी बरेठ, सुनीता निर्मलकर (कल्याणपुर), दुर्गा निर्मलकर (बिलासपुर), डॉ. श्वेता निर्मलकर, राकेश निर्मलकर (जांजगीर) सहित समाज के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक, छात्राएं एवं उनके परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वल्लभ रजक ने किया, जबकि अंत में भरत कुमार निर्मलकर ने आभार प्रदर्शन किया।