बिलासपुर पहुंचे कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने महंगाई, ईंधन संकट और बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार पर बोला हमला..

बिलासपुर। नगर निगम वार्ड क्रमांक 29 के पार्षद उपचुनाव के लिए आयोजित नामांकन रैली में शामिल होने बिलासपुर पहुंचे कांग्रेस विधायक Umesh Patel ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने महंगाई, पेट्रोल-डीजल संकट, उर्वरक की कमी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि देश की जनता पहले से परेशान है और ऐसे समय में सरकार समाधान देने के बजाय केवल सलाह दे रही है।

उमेश पटेल ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपीलों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लोगों से पेट्रोल-डीजल बचाने, तेल कम खाने और वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह देना ‘जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने’ जैसा है। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में पिछले दो महीनों से ईंधन और गैस संकट बना हुआ है। किसान, व्यापारी, मजदूर और आम नागरिक पहले ही बढ़ती कीमतों और आर्थिक दबाव से परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru ने ‘आराम हराम है’ का संदेश दिया था, जबकि आज लोगों को घर में बैठकर काम करने की सलाह दी जा रही है। उनके मुताबिक इससे देश की उत्पादन क्षमता और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होंगी।

कांग्रेस विधायक ने किसानों की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वर्षों से देश में उर्वरकों की कमी बनी हुई है, लेकिन केंद्र सरकार व्यवस्थाएं सुधारने के बजाय किसानों से यूरिया की खपत कम करने की अपील कर रही है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में करीब 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता है, जबकि अभी तक केवल 51 हजार मीट्रिक टन उर्वरक ही समितियों तक पहुंच पाया है। इससे किसानों की खेती और उत्पादन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

महंगाई को लेकर हमला बोलते हुए उमेश पटेल ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि आम परिवारों का किचन बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है और गृहिणियों को रोजमर्रा की जरूरतों में कटौती करनी पड़ रही है। उन्होंने सोने की बढ़ती कीमतों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि आम आदमी की बचत लगातार खत्म होती जा रही है।

विदेश यात्राओं को लेकर भी कांग्रेस विधायक ने प्रधानमंत्री पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने विदेश दौरों पर करोड़ों रुपये खर्च किए, जबकि देश की जनता महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि ईंधन बचाने की बात की जा रही है तो सबसे पहले भाजपा नेताओं और मंत्रियों के लंबे काफिलों को कम किया जाना चाहिए।

उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पेट्रोलियम उत्पादों पर बढ़ते टैक्स, महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी की आय घट रही है, बचत खत्म हो रही है और परिवारों को जरूरतें पूरी करने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में कच्चे तेल के भंडारण को लेकर पिछले 12 वर्षों में कोई बड़ा नया कदम नहीं उठाया गया। उनके अनुसार वर्तमान में मौजूद तेल भंडारण केंद्र यूपीए सरकार के समय में बनाए गए थे और आज की स्थिति केंद्र सरकार की लापरवाही का परिणाम है।

पत्रकार वार्ता के दौरान उमेश पटेल ने कहा कि देश ने पहले भी कई संकट देखे हैं, लेकिन उस समय सरकारें समाधान निकालती थीं। उन्होंने कहा कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि सरकार खुद समस्याओं का हल निकालने के बजाय जनता से कम उपयोग करने की अपील कर रही है।