शौर्य प्रशिक्षण लेकर लौटीं दुर्गावाहिनी की 13 बहनें, पेंड्रा में हुआ भव्य स्वागत..

आत्मरक्षा, राष्ट्रभक्ति और सेवा भावना का मिला प्रशिक्षण, बेटियों को सशक्त बनाने का संदेश..

जीपीएम। विश्व हिंदू परिषद की युवा महिला इकाई दुर्गावाहिनी द्वारा बिलासपुर में आयोजित प्रांतीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग में हिस्सा लेकर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की 13 बहनें सफलतापूर्वक वापस लौटीं। पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन पहुंचने पर विहिप, बजरंग दल एवं मातृशक्ति के कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। पूरे वातावरण में उत्साह और गौरव का माहौल देखने को मिला।

स्टेशन पर स्वागत के बाद सभी बहनों को सम्मानपूर्वक पेंड्रा स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर ले जाया गया, जहां विशेष पूजन-अर्चन का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बहनों को तिलक लगाकर एवं पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विहिप, बजरंग दल और मातृशक्ति के सदस्य मौजूद रहे।

प्रशिक्षण वर्ग से लौटी बहनों ने बताया कि बिलासपुर में आयोजित इस शिविर में उन्हें आत्मरक्षा के विभिन्न प्रशिक्षण दिए गए। इसमें लाठी संचालन, जुडो-कराटे, सेल्फ डिफेंस तकनीक, शारीरिक प्रशिक्षण तथा अनुशासन की शिक्षा दी गई। साथ ही बौद्धिक विकास, राष्ट्रभक्ति, संस्कार, संगठन भावना और आपदा प्रबंधन का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष हर्ष छाबरिया ने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों का आत्मनिर्भर और आत्मरक्षा में सक्षम होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण लेकर लौटी ये बहनें अब जिले की अन्य बालिकाओं और महिलाओं को भी जागरूक, साहसी और आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित करेंगी। ऐसे प्रशिक्षण शिविर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं।

प्रशिक्षण में शामिल बहनों में स्वेता पुरी, नंदिनी प्रधान, शालिनी, रुबीना, नीलम पुरी, देवकी, कौशल्या, रोशनी सिंदराम, सिद्धि उपाध्याय, संध्या रजक, शीलू रजक, माधुरी एवं काजल शामिल रहीं।

स्वागत कार्यक्रम में दुर्गावाहिनी की पूर्व जिला संयोजिका वैशाली पांडे, सरोज पवार, प्रिया त्रिवेदी, विभा तिवारी, रामीन, प्रकाश साहू, निखिल परिहार, बृजेश पुरी, उत्तम राय, रविन्द्र कुमार, दीपक विश्वकर्मा, शनि पटेल सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने महिलाओं की सुरक्षा, संस्कार और संगठन को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ समाजहित में निरंतर कार्य करने की बात कही।