बिलासपुर : सिल्क की साड़ी, खुला फंदा और गर्दन पर गायब निशान..अदिति की मौत में उलझी पुलिस, पढ़ें पूरी मर्डर मिस्ट्री..

बिलासपुर। सिटी कोतवाली क्षेत्र के दयालबंद मधुबन रोड में रहने वाली 28 वर्षीय अदिति मौर्य की मौत एक अनसुलझी पहेली बन गई है। पुलिस की शुरुआती जांच और शार्ट पीएम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मौत फांसी लगने के कारण हुई है। लेकिन इस रिपोर्ट ने पुलिस को और भी ज्यादा उलझा दिया है। हैरानी की बात यह है कि मृतका की गर्दन के पीछे फंदे के कोई निशान नहीं मिले हैं। अब पुलिस इस सोच में है कि आखिर बिना निशान के फांसी कैसे हो सकती है? विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा।

पति की कहानी में झोल?

अदिति की शादी 10 फरवरी 2019 को रविकांत मौर्य के साथ हुई थी। इन दोनों की 13 महीने की एक छोटी सी बेटी भी है। पति रविकांत तिफरा सब्जी मंडी में व्यापार का काम करता है। पुलिस को दिए अपने बयान में उसने जो कहानी बताई है, वह पुलिस के गले से नीचे नहीं उतर रही है। उसका कहना है कि घटना वाले वक्त वह अपनी बेटी को लेकर घर के ऊपर वाले कमरे में सो रहा था, जबकि उसकी पत्नी अदिति नीचे वाले कमरे में अकेली थी। जब वह सोकर नीचे आया, तो उसने देखा कि अदिति बेड पर अचेत हालत में पड़ी है। रविकांत के मुताबिक, अदिति ने सिल्क की साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगाने की कोशिश की थी, लेकिन अचानक फंदा खुल गया और वह नीचे गिर गई।

फंदे पर लटके हुए किसी ने नहीं देखा..

इस पूरे मामले में पुलिस को भी कई बातों पर शक है। थाना प्रभारी टीआई देवेश राठौर ने बताया कि घटना के दिन अदिति को फंदे पर लटके हुए किसी ने नहीं देखा है। सिर्फ पति का ही बयान है कि फंदा खुलने से वह नीचे अचेत अवस्था में मिली थी। एक बात यह भी है कि पुलिस को घटना की सूचना तुरंत नहीं दी गई। परिजनों ने पहले अदिति को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया और उसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।

मायके पक्ष के गंभीर आरोप..

दूसरी तरफ, मायके वालों ने रविकांत की इस कहानी को झूठा बताया है। परिजनों ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि अदिति के हाथ, गर्दन, पैर और कान पर चोट के निशान मौजूद थे। अगर उसने फांसी लगाई, तो शरीर पर चोट के निशान कैसे आए? इसके अलावा, जिस कमरे में फांसी लगाने की बात कही जा रही है, वहां इसके कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले। परिजनों का दुख इस बात से भी है कि ससुराल वालों ने उन्हें इतनी बड़ी घटना की सूचना तक नहीं दी। उन्हें किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से यह जानकारी मिली, तब वे आनन-फानन में बिलासपुर पहुंचे।

मोबाइल चैट बना विवाद का कारण..

इस मौत के पीछे एक मोबाइल चैट का विवाद भी सामने आ रहा है। अदिति के भाई अभिषेक वर्मा ने अपने जीजा रविकांत पर किसी अन्य महिला के साथ संबंध होने का शक जताया है। भाई ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले ही अदिति ने अपने पति के मोबाइल चैट का एक वीडियो अपने फोन से बनाया था। यह वीडियो उसने अपनी बड़ी बहन पिंकी को भी भेजा था। अदिति ने अपनी बहन को बताया था कि इसी चैट को लेकर उन दोनों के बीच लगातार विवाद चल रहा है।

मामले की गंभीरता और मायके पक्ष के आरोपों को देखते हुए पुलिस ने कोई लापरवाही नहीं की। शव का पोस्टमार्टम पांच अनुभवी डॉक्टरों की टीम से कराया गया है। शार्ट पीएम में फांसी की बात आई है, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट तो तैयार कर ली है, लेकिन लगातार चार दिन की सरकारी छुट्टी पड़ जाने के कारण डॉक्टरों के हस्ताक्षर अटक गए हैं।

अब पुलिस और परिजनों को सिर्फ इस विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि अदिति की मौत कैसे हुई और उस रात नीचे वाले कमरे में असल में क्या हुआ था।