11 लाख के भुगतान के बदले 22 हजार की घूस का आरोप, नान का जिला प्रबंधक ACB के ट्रैप में..

ट्रांसपोर्टर से 2 प्रतिशत कमीशन मांगने की शिकायत पर कार्रवाई, कलेक्ट्रेट की कम्पोजिट बिल्डिंग में रकम लेते पकड़े गए अधिकारी..

बलरामपुर। करीब 11 लाख रुपए के बकाया ट्रांसपोर्टिंग भुगतान के एवज में 2 प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के जिला प्रबंधक विद्या सागर गोपाल को 22 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। ACB की यह कार्रवाई कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कम्पोजिट बिल्डिंग में की गई। अधिकारी के खिलाफ यह कार्रवाई अंबिकापुर निवासी ट्रांसपोर्टर शिवराज सिंह की शिकायत के आधार पर की गई।

11 लाख के भुगतान के लिए मांगा कमीशन..

ACB के अनुसार ट्रांसपोर्टर ने शिकायत में आरोप लगाया था कि उसके करीब 11 लाख रुपए के ट्रांसपोर्टिंग बिल का भुगतान लंबित है। इस भुगतान को जारी कराने के लिए जिला प्रबंधक द्वारा कथित तौर पर 2 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने नियमानुसार शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद टीम ने आरोपी अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई।

कलेक्ट्रेट परिसर में बिछाया गया जाल..

ACB की टीम अंबिकापुर से बलरामपुर पहुंची और शिकायतकर्ता के माध्यम से रिश्वत की रकम देने की कार्रवाई कराई गई। टीआई शरद सिंह के नेतृत्व में टीम ने कलेक्ट्रेट की कम्पोजिट बिल्डिंग में निगरानी रखी। जैसे ही जिला प्रबंधक ने कथित तौर पर 22 हजार रुपए की रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया।

2 प्रतिशत कमीशन की रकम बताई जा रही 22 हजार..

शिकायत में करीब 11 लाख रुपए के भुगतान के बदले 2 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने का आरोप था। 11 लाख रुपए का 2 प्रतिशत करीब 22 हजार रुपए होता है। ACB के मुताबिक इसी रकम को ट्रैप कार्रवाई के दौरान अधिकारी से बरामद किया गया। कार्रवाई के बाद टीम ने रिश्वत की रकम और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।

शिकायत से गिरफ्तारी तक ACB की पूरी कार्रवाई..

ACB अधिकारियों के मुताबिक मामले में पहले शिकायत प्राप्त हुई। इसके बाद रिश्वत मांगने के आरोपों का सत्यापन कराया गया। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। ACB यह भी जांच कर रही है कि कथित रिश्वत की मांग के पीछे भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया में और कौन-कौन से तथ्य या दस्तावेज जुड़े हैं।

रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार अधिकारी के विरुद्ध आगे की कार्रवाई जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के अधीन होगी।