कोर्ट वारंट पर आरोपी के घर पहुंची पुलिस, 500-500 के 16,200 नोट मिले; रकम के स्रोत और लकड़ी प्रकरण से कनेक्शन की पड़ताल तेज..

महासमुंद/सारंगढ़-बिलाईगढ़। 23 टन से ज्यादा खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और फर्जी एनओसी के मामले की जांच अब 81 लाख रुपये की नकदी तक पहुंच गई है। महासमुंद पुलिस ने न्यायालय से सर्च वारंट लेकर मामले के आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार स्थित मकान की तलाशी ली। यहां पुलिस को 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां मिलीं। गिनती में कुल 16,200 नोट निकले, जिनकी कीमत 81 लाख रुपये है। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस अब इसके स्रोत और खैर लकड़ी से जुड़े मामले में इसके संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक पूरा मामला 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन से जुड़ा है। लकड़ी के परिवहन को वैध दिखाने के लिए एनटीपीएस (NTPS) एनओसी में कथित कूटरचना किए जाने और फर्जी दस्तावेज को वास्तविक दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किए जाने के तथ्य विवेचना के दौरान सामने आए हैं। इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर थाना पिथौरा में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया है।
फर्जी एनओसी से शुरू हुई जांच, पहुंची नकदी तक..
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने दस्तावेजों और प्रकरण से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल शुरू की। इसी दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस को आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ स्थित मकान की तलाशी की जरूरत महसूस हुई। पुलिस ने न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया और 7 सितंबर को टीम ने मकान की तलाशी ली।
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तलाशी के दौरान पुलिस को एक थैला मिला, जिसमें 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां रखी थीं। नोटों की गिनती कराने पर कुल 16,200 नोट पाए गए। प्रत्येक नोट 500 रुपये का होने के कारण नकदी की कुल राशि 81 लाख रुपये निकली। पुलिस ने पूरी रकम को जब्त कर लिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल – 81 लाख रुपये कहां से आए?
खैर लकड़ी की कथित अवैध ढुलाई और फर्जी एनओसी की जांच के बीच इतनी बड़ी नकदी मिलने से मामले का आर्थिक पहलू भी जांच के केंद्र में आ गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के घर से बरामद 81 लाख रुपये किस स्रोत से आए। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि रकम का संबंध खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन, फर्जी एनओसी तैयार करने या इस पूरे नेटवर्क में हुए आर्थिक लेन-देन से है या नहीं।
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पुलिस नकदी के संबंध में बैंकिंग लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। जांच में यदि रकम का अपराध से अर्जित संपत्ति से संबंध सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नकदी की कुर्की की प्रक्रिया शुरू..
पुलिस ने बरामद 81 लाख रुपये के संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत कार्रवाई शुरू की है। रकम की विधिवत कुर्की के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी की जा रही है। हालांकि, नकदी का अंतिम स्रोत और उसका अपराध से संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
दस्तावेजों से लेकर पूरे नेटवर्क तक जांच..
पुलिस की जांच केवल नकदी की बरामदगी तक सीमित नहीं है। अब फर्जी एनओसी तैयार करने, उसका इस्तेमाल करने, खैर लकड़ी के परिवहन और इससे जुड़े संभावित आर्थिक लेन-देन की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने और लकड़ी के परिवहन में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
23,350 किलो खैर लकड़ी के मामले में एनओसी की वैधता और दस्तावेजों की वास्तविकता जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बरामद 81 लाख रुपये के कारण अब विवेचना में आर्थिक लेन-देन की दिशा भी जुड़ गई है।
कई धाराओं में दर्ज है मामला..

पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के अलावा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 42(1), 41(2)(ख)(घ) और 52(1) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस फर्जी दस्तावेज, अवैध वनोपज परिवहन और आर्थिक लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
एसपी बोले – जांच में सामने आए तथ्यों पर होगी कार्रवाई..
महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के अनुसार, खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए फर्जी एनओसी तैयार करने और उसके इस्तेमाल से जुड़े मामले की विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर न्यायालय से अनुमति लेकर आरोपी के मकान की तलाशी ली गई। तलाशी में 81 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। बरामद रकम के संबंध में वैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अवैध वनोपज परिवहन, फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी के जरिए आर्थिक लाभ कमाने से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच की बड़ी कड़ियां..
23,350 किलो खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन का मामला.
लकड़ी को वैध दिखाने के लिए फर्जी एनओसी के इस्तेमाल का आरोप.
कोर्ट के सर्च वारंट पर 7 सितंबर को मकान की तलाशी.
500 रुपये के 16,200 नोट बरामद.
कुल 81 लाख रुपये नकद जब्त.
रकम के स्रोत और लकड़ी प्रकरण से कनेक्शन की जांच.
BNSS की धारा 107 के तहत आगे की कार्रवाई.
BNS, आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज.







