नशे के कारोबार पर बिलासपुर पुलिस का करारा प्रहार, तीन दोषियों को 15-15 साल की सजा..

सिर्फ सात माह में पूरा हुआ NDPS प्रकरण का विचारण, प्रत्येक आरोपी पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भी..

बिलासपुर। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बिलासपुर पुलिस की कार्रवाई का त्वरित परिणाम सामने आया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में नशीले इंजेक्शन की तस्करी के मामले में विशेष NDPS न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 1.50 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। खास बात यह है कि पुलिस की प्रभावी विवेचना और साक्ष्य प्रस्तुत करने के चलते मामले का विचारण करीब सात माह में पूरा हो गया।

यह मामला अपराध क्रमांक 488/2025 से संबंधित है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ NDPS Act की धारा 21 और 22 के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुल 114 नग Buprenorphine Injection, प्रत्येक 2 एमएल, यानी कुल 228 एमएल नशीली दवा बरामद की गई थी। इसके अलावा नशीली दवाओं के परिवहन में इस्तेमाल की जा रही पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक CG10/BN2344, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये है, भी जब्त की गई थी।

मुखबिर की सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई..

पुलिस के मुताबिक 8 सितंबर 2025 को मुखबिर से नशीली दवाओं के अवैध कारोबार की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने ज्वाली नाला के पास दबिश दी। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों के कब्जे से 62 नग Buprenorphine Injection बरामद किए गए।

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने अगले दिन 9 सितंबर को आरोपी दुर्गा वर्मा के कब्जे से 52 नग और नशीले इंजेक्शन बरामद किए। इस तरह दोनों कार्रवाई में कुल 114 इंजेक्शन जब्त किए गए।

तीन आरोपियों पर चला मुकदमा..

मामले में पुलिस ने निकेत वस्त्रकार (23), जयंत वस्त्रकार (22) और दुर्गा वर्मा (31) को गिरफ्तार किया। तीनों घुटकू क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने बरामद नशीली दवाओं, वाहन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना पूरी कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

अदालत में पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के बाद विशेष NDPS न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी माना। न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी को 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1.50 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

सात माह में फैसला, नशे के कारोबारियों को कड़ा संदेश..

इस मामले में कार्रवाई से लेकर न्यायालय के निर्णय तक की प्रक्रिया अपेक्षाकृत कम समय में पूरी हुई। करीब सात माह में विचारण पूरा होने और दोषियों को कठोर सजा मिलने से नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के लिए स्पष्ट संदेश गया है कि ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई के साथ न्यायिक प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

बिलासपुर पुलिस का कहना है कि नशीली दवाओं की बिक्री, परिवहन और आपूर्ति करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ उनकी गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जाएगी।

पुलिस का संदेश – नशे के कारोबार से दूर रहें..

पुलिस ने आम लोगों, विशेषकर युवाओं से नशीली दवाओं से दूर रहने की अपील की है। साथ ही नशीले पदार्थों की बिक्री या आपूर्ति की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना देने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि नशे का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

बिलासपुर पुलिस की इस कार्रवाई और अदालत से मिली कठोर सजा को नशीली दवाओं के कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।