
छह माह पहले हुई थी शादी, सास ने मोबाइल पर घंटों बात करने से टोका तो बिगड़े रिश्ते; गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची सास, बहू पर मायके भागने का आरोप..

बिलासपुर। शादी के बाद पुराने प्रेम-प्रसंग में लगातार बातचीत करने को लेकर सास और बहू के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कथित तौर पर कीटनाशक पिलाने तक पहुंच गया। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपनी बहू पर कोल्ड्रिंक में कीटनाशक मिलाकर पिलाने का आरोप लगाया है। तबीयत बिगड़ने पर महिला को पहले निजी अस्पताल और फिर सिम्स में भर्ती कराया गया, जहां आईसीयू में उपचार हुआ। पीड़िता की शिकायत, बयान और उपलब्ध मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने बहू के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है।
पीड़िता गंगा नगर निवासी रूखमणी ठाकुर के मुताबिक, करीब छह महीने पहले उनके बेटे की शादी मुंगेली जिले के टिंगीपुर चमारी निवासी कविता ठाकुर से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद बहू मोबाइल पर किसी युवक से लंबे समय तक बातचीत करती थी। सास का कहना है कि उन्होंने कई बार उसे समझाइश दी और मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर टोका। इसके बाद मोबाइल अपने पास रखने की बात भी सामने आई। शिकायतकर्ता के अनुसार, इसी बात को लेकर बहू उससे नाराज रहने लगी थी।
उपवास के दिन कोल्ड्रिंक पीने के बाद बिगड़ी तबीयत..
शिकायत के मुताबिक, 17 जुलाई को रूखमणी उपवास पर थीं। इसी दौरान बहू ने उन्हें कोल्ड्रिंक दी। इसे पीने के कुछ समय बाद उन्हें उल्टी और चक्कर आने लगे और हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर बाद में सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार आईसीयू में किया गया।
पीड़िता का आरोप है कि कोल्ड्रिंक में कीटनाशक मिलाया गया था। परिवार के अनुसार, उपचार के दौरान हुए परीक्षणों में कीटनाशक के सेवन की आशंका की पुष्टि हुई। हालांकि, घटना में किस पदार्थ का इस्तेमाल हुआ और वह किस तरह शरीर में पहुंचा, इसे लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर ही तय होगा।
अस्पताल तक साथ गई, फिर मायके जाने का आरोप..
परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद बहू भी सास के साथ पहले निजी अस्पताल और फिर सिम्स पहुंची थी। आरोप है कि इसी दौरान उसने घर से सास का मोबाइल भी अपने साथ ले लिया और अपने मायके वालों से संपर्क किया। बाद में वह अस्पताल से निकलकर घर पहुंची और कुछ सामान तथा जेवर-नकदी लेकर मायके चली गई।
पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि घटना के बाद मामले को आपसी समझौते से खत्म करने का दबाव बनाया गया। महिला की हालत गंभीर होने के कारण तत्काल पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। बाद में उसके बयान और परिजनों की जानकारी के आधार पर पुलिस से शिकायत की गई।
पुराने प्रेम-प्रसंग का भी सामने आया जिक्र..
शिकायत में बहू के पुराने प्रेम-प्रसंग का भी उल्लेख किया गया है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, घटना के बाद जब उन्होंने शैलेंद्र सिंह नामक युवक से संपर्क किया तो उसने दोनों के बीच करीब चार-पांच साल से प्रेम संबंध होने की बात स्वीकार की। परिवार का दावा है कि शादी से पहले शैलेंद्र ने कविता से विवाह की इच्छा भी जताई थी, लेकिन दोनों की शादी नहीं हो सकी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी रही। इसी वजह से सास द्वारा मोबाइल पर बात करने से रोकने और फोन अपने पास रखने की बात को विवाद की मुख्य वजह बताया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
मेडिकल रिपोर्ट में कीटनाशक सेवन की जांच..
परिजनों का कहना है कि उपचार के दौरान चिकित्सकों ने महिला के रक्त संबंधी परीक्षण कराए। शिकायत में सीरम कोलीनेस्टेरेज जांच का स्तर 962.7 यू/एल बताए जाने का उल्लेख है। परिवार इसे कीटनाशक सेवन से जोड़ रहा है। इस मेडिकल रिपोर्ट की पूरी चिकित्सकीय व्याख्या और घटना से उसका संबंध जांच का विषय है।
एफआईआर की धाराओं को लेकर परिजनों ने जताई आपत्ति..


मामले में पुलिस ने पीड़िता की शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर अपराध दर्ज किया है। हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि जिस तरह की घटना का आरोप लगाया गया है, उसके मुकाबले एफआईआर में लगाई गई धाराएं पर्याप्त कड़ी नहीं हैं। परिवार की मांग है कि मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान, कोल्ड्रिंक के नमूने, मोबाइल कॉल डिटेल और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कर आरोपों के अनुरूप कानूनी कार्रवाई की जाए।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बहू पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।







