
बनियाधस से करीपगार जलप्रपात तक हुई ‘रन फॉर हॉर्नबिल’, 250 प्रतिभागियों ने दिया संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश..

गरियाबंद। वन्यजीव सप्ताह के दौरान उदंती-सीता मनदी टाइगर रिजर्व में मंगलवार को वन्यजीव संरक्षण का संदेश कुछ अलग अंदाज में दिया गया। मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण और स्थानीय समुदाय को इससे जोड़ने के उद्देश्य से ‘रन फॉर हॉर्नबिल’ 10 किलोमीटर दौड़ आयोजित की गई। बनियाधस जलप्रपात से शुरू हुई दौड़ करीपगार जलप्रपात पहुंचकर पूरी हुई। करीब 250 प्रतिभागियों ने जंगल के बीच दौड़ लगाकर हॉर्नबिल और उसके प्राकृतिक आवास को बचाने का संदेश दिया।

दौड़ में गरियाबंद कलेक्टर रणबीर शर्मा, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक गुरुनाथन एन., वन विभाग के विशेष सचिव धम्मशील गणवीर सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय ग्रामीण और अन्य प्रतिभागी शामिल हुए। USTR की सभी आठ रेंजों से वनकर्मी और अधिकारी भी आयोजन में पहुंचे।
जहां हॉर्नबिल का बसेरा, वहीं से संरक्षण की आवाज..
रन फॉर हॉर्नबिल के लिए ओंध और अमलोर गांवों को चुना गया। करीब 2500 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह इलाका मालाबार पाइड हॉर्नबिल के महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवासों में शामिल है। इसलिए दौड़ का आयोजन केवल खेल गतिविधि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए स्थानीय लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि जंगल और उसमें रहने वाले पक्षियों का संरक्षण सीधे तौर पर उनके पर्यावरण और भविष्य से जुड़ा है।
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वन विभाग के अनुसार हॉर्नबिल जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह फल खाने के साथ उनके बीजों को दूर तक फैलाता है, जिससे जंगल में नए पौधों के पनपने और प्राकृतिक वन पुनर्जीवन में मदद मिलती है। यही वजह है कि हॉर्नबिल की मौजूदगी को स्वस्थ वन क्षेत्र का संकेत भी माना जाता है।
‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’ से लेकर सफारी तक पहल..
USTR में हॉर्नबिल संरक्षण के लिए पहले से कई पहल की जा रही हैं। इनमें ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’ खास पहल है। इसके तहत हॉर्नबिल के लिए सालभर प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फलदार वृक्षों के समूह विकसित किए जा रहे हैं। पीपल, बरगद और अन्य फाइकस प्रजातियों के पेड़ों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इसी कड़ी में ‘हॉर्नबिल सफारी’ विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य हॉर्नबिल संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को प्रकृति पर्यटन से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। ओंध, अमलोर और अमामोरा जैसे गांवों को इससे जोड़ने की योजना है।
कलेक्टर रणबीर शर्मा रहे सबसे आगे..
10 किलोमीटर की दौड़ में विभिन्न वर्गों के प्रतिभागियों ने उत्साह से हिस्सा लिया। वेटरन वर्ग में कलेक्टर रणबीर शर्मा ने पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर USTR के क्षेत्र संचालक गुरुनाथन एन. और तीसरे स्थान पर तौरेंगा के रेंजर केजूराम कोरचे रहे।
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महिला वर्ग में वनरक्षक परमेश्वरी, ललिता, रिंकी जोशी और ओंध गांव की टीकेश्वरी ने बेहतर प्रदर्शन किया।
दौड़ से दिया बड़ा संदेश..
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण को केवल विभागीय जिम्मेदारी बनाकर सफल नहीं बनाया जा सकता। जंगल से जुड़े ग्रामीणों और स्थानीय युवाओं की भागीदारी इसके लिए जरूरी है। ‘रन फॉर हॉर्नबिल’ के माध्यम से लोगों को हॉर्नबिल के महत्व, उसके आवास और जंगल के संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया गया।

बनियाधस से करीपगार तक 10 किलोमीटर की यह दौड़ सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं रही, बल्कि जंगल, वन्यजीव और इंसान के बीच बेहतर तालमेल का संदेश देती नजर आई। वन्यजीव सप्ताह के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा के लिए दौड़ना ही नही, उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी मिलकर उठानी होगी।







