बाईपास की सुनसान सड़कों पर आतंक मचाने वाला लुटेरा गैंग पकड़ा गया, 47 मोबाइल बरामद..

चाकू और बेल्ट के दम पर राहगीरों को बनाते थे निशाना, सेंदरी-मोपका और बैमा-नगोई बाईपास की चार वारदातों का खुलासा..

बिलासपुर। सेंदरी-मोपका और बैमा-नगोई बाईपास मार्ग पर राहगीरों को चाकू और बेल्ट से डराकर लूटपाट करने वाले गिरोह का सरकंडा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक विधि से संघर्षरत बालक समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से लूटे गए 47 मोबाइल फोन, तीन मोटरसाइकिल, तीन धारदार चाकू, बेल्ट और नगदी सहित अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह सुनसान बाईपास मार्गों पर राहगीरों को रोककर मारपीट करता और मोबाइल, नगदी व अन्य सामान लूटकर फरार हो जाता था।

पुलिस की कार्रवाई के बाद बाईपास मार्गों पर लगातार सामने आ रही लूट की घटनाओं पर फिलहाल बड़ी रोक लगी है। मामले में आरोपी अनिश सूर्यवंशी उर्फ जादू के कब्जे से धारदार चाकू मिलने पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें आदेशानुसार न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

एक के बाद एक चार वारदातों से मचा था हड़कंप..

पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने बाईपास मार्गों पर अलग-अलग समय में कम से कम चार राहगीरों को निशाना बनाया था। पहली घटना 16 अगस्त की रात करीब 11 बजे बैमा-नगोई बाईपास रोड पर हुई। नगोई निवासी टिकेश्वर मिश्रा वहां से गुजर रहे थे। इसी दौरान लाल-काले रंग की बिना नंबर की पैशन प्रो मोटरसाइकिल पर सवार चार युवकों ने उन्हें रोक लिया और बेल्ट से मारपीट कर उनका सैमसंग 5G मोबाइल, बैग, एटीएम कार्ड, पासबुक, रेनकोट सहित करीब 20,500 रुपये का सामान लूट लिया।

इसी रात सेंदरी-मोपका बाईपास मार्ग पर दो अन्य राहगीरों अभिनव शास्त्री और नितेश यादव को भी आरोपियों ने निशाना बनाया। दोनों को चाकू दिखाकर धमकाया गया और उनके मोबाइल फोन व दस्तावेज लूट लिए गए। इन दोनों वारदातों में लूटे गए सामान की कीमत क्रमश: करीब 11 हजार और 40 हजार रुपये बताई गई है।

मंदिर जाने निकले युवक को भी बनाया निशाना..

गिरोह की चौथी वारदात 11 अगस्त को सामने आई थी। उस्लापुर निवासी हिमांशु सिंह नगोई मंदिर जाने के लिए निकले थे। रास्ते में तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया और उनके दो मोबाइल फोन, नगदी तथा अन्य सामान लूटकर फरार हो गए। लगातार हो रही इन घटनाओं से बाईपास मार्गों पर राहगीरों में भय का माहौल बन गया था।

तकनीकी जांच और पूछताछ से खुली गिरोह की कड़ी..

घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सरकंडा पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास की जानकारी, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को बहतराई क्षेत्र के कुछ युवकों की गतिविधियों पर संदेह हुआ। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एक-एक कर आरोपियों को पकड़ा।

पुलिस की पूछताछ में गिरोह से जुड़ी लूट की घटनाओं का खुलासा हुआ। आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल सामान बरामद किया गया।

सात आरोपी और एक विधि से संघर्षरत बालक गिरफ्तार..

पुलिस ने मामले में एक विधि से संघर्षरत बालक के अलावा चन्द्रभान साहू उर्फ नानू (18), अनिश सूर्यवंशी उर्फ जादू (20), अजय कुमार लोहार उर्फ जय उर्फ महेश विश्वकर्मा (22), करन सारथी (20), जानवीर सूर्यवंशी उर्फ जानी (18) और लक्की विश्वकर्मा (18) को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा आदिल अहमद (29) को भी मामले में पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का संबंध बिलासपुर के अलग-अलग क्षेत्रों से है।

47 मोबाइल समेत हथियार और वाहन जब्त..

सरकंडा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 47 एंड्रॉइड/स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा कॉलेज बैग, पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज भी मिले हैं। वारदात में इस्तेमाल तीन मोटरसाइकिल, तीन धारदार चाकू और बेल्ट भी पुलिस ने जब्त किए हैं।

बरामद मोबाइल फोन की संख्या यह बताती है कि गिरोह केवल हाल की चार घटनाओं तक सीमित नहीं था, बल्कि पुलिस अब इन मोबाइलों के संबंध में अन्य शिकायतों और संभावित वारदातों की भी जांच कर रही है।

न्यायालय के आदेश पर भेजे गए रिमांड में..

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों और विधि से संघर्षरत बालक को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल बिलासपुर तथा विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई..

यह कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में की गई। थाना प्रभारी प्रदीप आर्य और मोपका चौकी प्रभारी उप निरीक्षक ओमप्रकाश कुर्रे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

पुलिस टीम में सहायक उप निरीक्षक मानिक लाल लहरे, प्रधान आरक्षक बलबीर सिंह, मोहन मुरली राठौर, रविन्द्र मिश्रा तथा आरक्षक संजीव जांगड़े और विवेक राय की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस की इस कार्रवाई से बाईपास मार्गों पर राहगीरों को निशाना बनाकर लूटपाट करने वाले गिरोह का नेटवर्क सामने आया है। अब पुलिस बरामद 47 मोबाइल फोन और अन्य सामान के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने इससे पहले और कितनी वारदातों को अंजाम दिया था।