सुविधा के साथ साइबर सुरक्षा जरूरी, जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी..

गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में साइबर जागृति अभियान के तहत विद्यार्थियों को किया गया जागरूक, 1930 पर तत्काल शिकायत की अपील..

बिलासपुर। डिजिटल दौर में मोबाइल, इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया ने जिंदगी को आसान बना दिया है, लेकिन इनके बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए राज्य स्तरीय साइबर जागृति अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस ने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को साइबर ठगी के नए तरीकों से सावधान रहने और परिवार व समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों की वर्षों की मेहनत की कमाई कुछ ही मिनटों में ठगी के जरिए हड़प लेते हैं। ऐसे अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और सतर्कता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान मोबाइल एप्लीकेशन या APK फाइल डाउनलोड करने से भी बचें।

उन्होंने विद्यार्थियों से साइबर जागरूकता को अभियान का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि वे साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी अपने सोशल मीडिया स्टेटस, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और फेसबुक के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। इससे वे खुद भी सुरक्षित रहेंगे और अपने परिवार, दोस्तों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध से बचाने में मदद कर सकेंगे।

‘सुविधा और दुविधा’ के बीच सतर्कता जरूरी..

उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि आज समाज का लगभग हर वर्ग किसी न किसी रूप में साइबर अपराध के खतरे से प्रभावित है और युवा वर्ग इसका विशेष रूप से बड़ा हिस्सा है। मोबाइल और इंटरनेट ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन डिजिटल दुनिया में छोटी सी लापरवाही भी लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि ऑनलाइन बैंकिंग, सोशल मीडिया, डिजिटल भुगतान और मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और न ही किसी संदिग्ध लिंक या ऐप पर भरोसा करें।

ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत..

एसएसपी रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि साइबर अपराध होने पर घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करना जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो वह तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और पुलिस को सूचना दे, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे जरूरी है। प्रत्येक नागरिक को ऑनलाइन लेन-देन और सोशल मीडिया का उपयोग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए तथा अपनी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर जागृति अभियान के माध्यम से युवाओं को जागरूक कर उन्हें अपने परिवार और समाज को भी साइबर अपराधों से बचाव के लिए प्रेरित करना महत्वपूर्ण है।

Mobiarmor ऐप की दी जानकारी..

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव के लिए Mobiarmor ऐप के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि यह ऐप मोबाइल में मौजूद संभावित खतरे वाले ऐप और फाइलों को लेकर उपयोगकर्ता को सतर्क करने में मदद करता है। विद्यार्थियों से सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और इस संबंध में अपने परिवार तथा परिचितों को भी जागरूक करने की अपील की गई।

गूगल फॉर्म की ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी, मिलेगा ई-सर्टिफिकेट..

साइबर जागरूकता को विद्यार्थियों से सीधे जोड़ने के लिए बिलासपुर पुलिस ने एक अनोखी पहल की है। विद्यार्थियों को गूगल फॉर्म के माध्यम से साइबर अपराध के तरीकों और उनसे बचाव से संबंधित जानकारी पढ़कर वैकल्पिक प्रश्नोत्तरी में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया गया। प्रश्नोत्तरी में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को ऑनलाइन ई-सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में इस पहल में शामिल होने की अपील की, ताकि साइबर सुरक्षा की जानकारी केवल कॉलेज परिसर तक सीमित न रहकर परिवार और समाज तक पहुंचे।

हर थाना और चौकी में चल रहा अभियान..

बिलासपुर पुलिस के अनुसार 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहे राज्य स्तरीय साइबर जागृति अभियान के तहत जिले के प्रत्येक थाना और चौकी में भी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आम लोगों, विद्यार्थियों और युवाओं को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल धोखाधड़ी तथा साइबर अपराध के बदलते तरीकों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस गगन कुमार, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति संजय कुमार चक्रवाल, कुलसचिव प्रो. अश्वनी कुमार दीक्षित, प्रो. निदेशक मनीष श्रीवास्तव सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराध के प्रति सजग बनाकर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना और एक जागरूक एवं साइबर सुरक्षित समाज के निर्माण में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।

सतर्क रहें, जागरूक रहें – बिलासपुर पुलिस