रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 23 आईएएस और एक आईएफएस अधिकारी की जिम्मेदारियां बदल दी हैं। मंत्रालय से लेकर जिलों तक अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। फेरबदल में नगरीय प्रशासन विभाग के साथ कई जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं।

सबसे बड़ा बदलाव नगरीय प्रशासन विभाग में किया गया है। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा को आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग से हटाकर प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास बनाया गया है। उनके पास विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। आर. शंगीता को नगरीय प्रशासन सचिव के पद से हटाकर सचिव, मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।
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सचिव भुवनेश यादव को मौजूदा विभागों के साथ आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग भी दिया गया है। कांकेर कलेक्टर नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर अब संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास होंगे। रिमिजयुस एक्का को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। उनके पास जल जीवन मिशन के मिशन संचालक का अतिरिक्त प्रभार रहेगा।

जिलों में भी तबादलों का असर दिखाई दिया है। मुंगेली कलेक्टर कुंदन कुमार अब कांकेर कलेक्टर होंगे। सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो को मुंगेली भेजा गया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की संयुक्त सचिव जयश्री जैन को सक्ती कलेक्टर बनाया गया है। कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा को वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
गरियाबंद में रणबीर शर्मा नए कलेक्टर होंगे। मौजूदा कलेक्टर भगवान सिंह उइके को सामान्य प्रशासन विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की कलेक्टर तुलिका प्रजापति को कबीरधाम भेजा गया है। उनकी जगह तनुजा सलाम को कलेक्टर बनाया गया है।

निगम और अन्य विभागों में भी बदलाव हुआ है। CGPSC की परीक्षा नियंत्रक लीना कोसम को नगर पालिक निगम दुर्ग का आयुक्त बनाया गया है। सौमिल रंजन चौबे को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का प्रबंध संचालक बनाया गया है।
बिलासपुर में नारायणपुर के अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई को अपर कलेक्टर की जिम्मेदारी मिली है। खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम और अन्य विभागों में भी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। आईएफएस विवेक आचार्य की सेवाएं पर्यटन मंडल से वापस वन विभाग को सौंप दी गई हैं। यानी प्रशासनिक कुर्सियां भी इस बार खाली नहीं रहीं – एक आदेश आया और कई जगह जिम्मेदारियां बदल गईं।







