सरकंडा पुलिस जांच में जुटी ; जुलाई माह में चौकीदार हत्याकांड के बाद दूसरी बड़ी घटना..

बिलासपुर। शहर के सरकंडा क्षेत्र स्थित शासकीय बाल सुधार गृह में एक बार फिर गंभीर घटना सामने आई है। दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी युवक की बाल सुधार गृह में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक ने फांसी लगाकर आत्मघाती कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलते ही सुधार गृह में हड़कंप मच गया। सरकंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि मृतक रायगढ़ जिले का रहने वाला था और उसे करीब एक सप्ताह पहले ही बिलासपुर के बाल सुधार गृह में लाया गया था। वह दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी था। सुधार गृह में रहने के दौरान उसने यह कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कैसे हुई घटना, जांच में जुटी पुलिस..
घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर फिलहाल पुलिस ने विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय युवक कहां था, उसकी निगरानी कौन कर रहा था और सुरक्षा व्यवस्था के बीच वह इस तरह का कदम कैसे उठा सका।
सुधार गृह में मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटनास्थल से संबंधित परिस्थितियों की जांच के साथ-साथ वहां की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था की भी जानकारी जुटा सकती है। पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही मौत की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
एक महीने के भीतर दूसरी बड़ी घटना.. देखें वीडियो..
बाल सुधार गृह में हुई यह घटना इसलिए ज्यादा गंभीर हो गई है क्योंकि जुलाई में इसी संस्थान में चौकीदार की हत्या और चार नाबालिगों के फरार होने की सनसनीखेज वारदात सामने आ चुकी है।
13 जुलाई को नूतन चौक स्थित शासकीय बाल सुधार गृह में नाइट चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की हत्या कर दी गई थी। रिपोर्टों के अनुसार बाल सुधार गृह में निरुद्ध चार नाबालिगों ने चौकीदार को बंधक बनाया और उसकी हत्या के बाद फरार हो गए थे। इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया था तथा सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे।
इस घटना ने यह सवाल खड़ा किया था कि जिस स्थान पर निरुद्ध किशोरों की सुरक्षा, निगरानी और सुधार की जिम्मेदारी है, वहां से गंभीर मामलों में निरुद्ध चार किशोर आखिर एक साथ कैसे फरार हो गए।
चौकीदार हत्याकांड के बाद भी नहीं थमे सवाल..
जुलाई की वारदात में प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीन आरोपी रायगढ़ और एक कोरबा जिले का रहने वाला था। पुलिस ने घटना के बाद फरार आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें लगाई थीं। मामले में बाद में आरोपियों की गिरफ्तारी की खबरें भी सामने आईं।
उस समय सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की संख्या, निगरानी और संस्थान की आंतरिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे। अब करीब एक महीने के भीतर उसी संस्थान में एक निरुद्ध युवक की मौत की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।
सप्ताहभर पहले आया था युवक..
मृतक को करीब सात दिन पहले रायगढ़ जिले से बिलासपुर लाए जाने की बात सामने आई है। इतने कम समय में उसके व्यवहार, मानसिक स्थिति और संस्थान में उसके समायोजन को लेकर क्या निगरानी की गई थी, यह भी जांच का महत्वपूर्ण बिंदु हो सकता है।
हालांकि, युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया, इसके पीछे कोई विशेष कारण था या नहीं, इसे लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच पूरी होने का इंतजार करना जरूरी है।
परिजनों को दी गई सूचना..
घटना के बाद मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक प्रक्रिया नियमानुसार कराई जाएगी। पुलिस मामले में मर्ग कायम कर घटना के प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है।
सुधार गृह या सुरक्षा का सवाल?
बाल सुधार गृह का उद्देश्य केवल निरुद्ध बच्चों और किशोरों को रखना नहीं, बल्कि उनके सुधार, पुनर्वास और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी है। ऐसे में संस्थान के भीतर लगातार गंभीर घटनाएं होना व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।
जुलाई में चौकीदार की हत्या के बाद चार नाबालिगों का फरार होना और अब एक सप्ताह पहले लाए गए युवक की मौत दोनों घटनाओं की प्रकृति अलग है, लेकिन दोनों ने संस्थान की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पिछली घटना के बाद बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए गए थे और क्या वहां निरुद्ध बच्चों की नियमित निगरानी के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं। ताजा घटना की पुलिस जांच से इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल सरकंडा पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही युवक की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल सकेगा।
बाइट – एडिशनल एस.पी. पंकज पटेल







