समझौते का दबाव नहीं मानने पर एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी का आरोप.. देखें वीडियो..

बिल्हा थाना के तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ ग्रामीण परिवार ने कलेक्टर से की शिकायत..

जेल भेज देंगे कहकर डराने और मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग..

बिलासपुर। बिल्हा थाना क्षेत्र के ग्राम मोहतरा में मारपीट मामले को लेकर नया विवाद सामने आया है। गांव के निवासी आयुष बरगाह और राजेश बरगाह ने बिल्हा थाना में पदस्थ तीन पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मी लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं और मना करने पर एससी-एसटी एक्ट में फंसाने तथा जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं।

बुधवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे पीड़ित परिवार ने लिखित आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर एस एस पी ने पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

समझौता करो, नहीं तो जेल जाना पड़ेगा..

शिकायत में कहा गया है कि 19 अप्रैल 2026 को हुई मारपीट की घटना की रिपोर्ट उन्होंने पुलिस में दर्ज कराई थी। परिवार का आरोप है कि मामले में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय थाना बिल्हा के कुछ पुलिसकर्मी लगातार समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं।

आवेदन में प्रधान आरक्षक अमर सिंह चंद्रा, मुकेश दिव्या और प्रताप साहू के नाम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि तीनों पुलिसकर्मी बार-बार यह कहकर डराते हैं कि समझौता कर लो, नहीं तो एससी-एसटी एक्ट लग जाएगा और जेल जाना तय है।

देखें वीडियो..

पीड़ितों का कहना है कि पुलिसकर्मी थाने के अलावा उनके घर तक पहुंच रहे हैं और पुराने मामलों का हवाला देकर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहे हैं। परिवार ने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान जातिगत संदर्भों का इस्तेमाल कर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की गई, जिससे पूरा परिवार भय और तनाव में जी रहा है।

ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा..

आयुष बरगाह ने दावा किया है कि पुलिसकर्मियों द्वारा की गई धमकी और बातचीत के कुछ हिस्सों की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इन रिकॉर्डिंग को जांच में शामिल किया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

परिवार का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो पुलिसकर्मियों की भूमिका स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।

सीसीटीवी फुटेज में मारपीट का दावा..

शिकायत में 19 अप्रैल की घटना का विस्तार से उल्लेख किया गया है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, गांव में हुए विवाद के दौरान सरपंच पुत्र और उसके साथियों ने राजेश बरगाह के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की थी। परिवार का दावा है कि घटना का सीसीटीवी फुटेज मौजूद है और वह फुटेज एक पुलिसकर्मी के मोबाइल में भी सुरक्षित है।

इसके बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर परिवार ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कार्रवाई के बजाय उल्टा उन्हें ही दबाव में लेने का प्रयास किया जा रहा है।

एस एस पी के निर्देश के बाद बढ़ी जांच की अहमियत..

शिकायत मिलने के बाद एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कराने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें प्रशासन और पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई पर भरोसा है, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई होना जरूरी है ताकि आम लोगों का कानून और व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।