6वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को मिला सम्मान, सात घंटे तक चला भव्य समारोह, शिक्षा जगत की अनूठी पहल बनी चर्चा का विषय..

बिलासपुर। शिक्षा के क्षेत्र में बिलासपुर ने एक नया इतिहास रचते हुए प्रतिभाओं के सम्मान का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसकी पूरे शहर में सराहना हो रही है। स्टडी प्वाइंट एकेडमी एवं बिलासपुर पैरामेडिकल काउंसलिंग सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में 28 जून रविवार को आयोजित मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह में जिले भर के 800 से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभा भवन, लाल बहादुर शास्त्री स्कूल परिसर में आयोजित यह समारोह विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और सफलता का उत्सव बन गया।

आयोजन की विशेषता यह रही कि कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक के मेधावी विद्यार्थियों को एक ही मंच पर सम्मानित किया गया। आयोजकों के अनुसार प्रदेश में इस स्तर पर पहली बार इतने बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों का सम्मान किया गया, जिससे यह कार्यक्रम शिक्षा जगत में एक मिसाल बन गया है।

विद्यार्थियों और अभिभावकों की भारी उपस्थिति को देखते हुए समारोह को दो चरणों में आयोजित किया गया। पहले सत्र में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जबकि दूसरे सत्र में सीबीएसई एवं अन्य केंद्रीय बोर्डों के मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर बुलाकर प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किए गए। सुबह 10 बजे शुरू हुआ कार्यक्रम शाम 5 बजे तक लगातार चलता रहा। पूरे दिन सभागार विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर बजती तालियों और उत्साह से गूंजता रहा।
समारोह में शिक्षा, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सीएम दुबे महाविद्यालय के चेयरमैन संजय दुबे, आधारशिला विद्या मंदिर के चेयरमैन अजय श्रीवास्तव, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह, प्रयास एकेडमी के डायरेक्टर सचिन यादव, उद्योगपति प्रशांत मिश्रा, शिक्षाविद् प्रशांत उपाध्याय, भाजपा मध्य मंडल अध्यक्ष देवेंद्र पाठक सहित कई अतिथियों ने विद्यार्थियों को सम्मानित किया। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि प्रतिभा का सम्मान ही समाज और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाता है तथा ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा जगाते हैं।

समारोह के दौरान स्टडी प्वाइंट एकेडमी की छात्रा शालिनी साहू विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। उन्होंने कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में 97.16 प्रतिशत अंक हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की। राज्य की टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान बनाने से वे केवल दो अंकों से पीछे रह गईं। उनकी उपलब्धि को देखते हुए समारोह में विशेष सम्मान प्रदान किया गया। संस्थान ने उनकी सफलता को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

स्टडी प्वाइंट एकेडमी के संचालक भरत साहू ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी अपने भीतर असाधारण क्षमता रखता है और ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल सम्मान देना नहीं बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का संकल्प पैदा करना है। उन्होंने कहा कि आज सम्मानित हुए विद्यार्थी भविष्य में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे तथा संस्था आगे भी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे आयोजन करती रहेगी।

बिलासपुर पैरामेडिकल काउंसलिंग सेंटर के संचालक मुकेश नायक ने कहा कि शिक्षा समाज को दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम है। जब प्रतिभाओं को सार्वजनिक रूप से सम्मान मिलता है तो अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और अधिक व्यापक स्वरूप दिया जाएगा ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।

कार्यक्रम की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और अभिभावकों की मौजूदगी के बावजूद पूरे आयोजन का संचालन अनुशासित और व्यवस्थित ढंग से किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था।

लगातार सात घंटे तक चले इस भव्य आयोजन ने यह साबित कर दिया कि बिलासपुर केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को पहचानने और सम्मानित करने वाला शहर भी है। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने इस पहल को विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए आयोजकों की सराहना की। पूरे दिन यह कार्यक्रम शहर में चर्चा का विषय बना रहा और मेधावी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का बड़ा मंच साबित हुआ।







