

बिलासपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व में रविवार की शाम पर्यटकों के लिए उस समय यादगार बन गई, जब जंगल सफारी के दौरान उन्हें बाघ का बेहद रोमांचक और दुर्लभ दीदार हुआ। शाम करीब 5:20 बजे सफारी पर निकले पर्यटकों ने जंगल के प्राकृतिक परिवेश में बाघ को नजदीक से देखा। जैसे ही बाघ नजर आया, पूरे वाहन में उत्साह और रोमांच की लहर दौड़ गई।

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जानकारी के अनुसार, बेलगहना निवासी श्याम सुंदर तिवारी अपने पूरे परिवार के साथ अचानकमार टाइगर रिजर्व की सफारी का आनंद लेने पहुंचे थे। परिवार लंबे समय से जंगल के राजा के दर्शन की उम्मीद लेकर आया था और उनकी यह इच्छा उस समय पूरी हो गई जब सफारी मार्ग पर बाघ दिखाई दिया। इस अप्रत्याशित मुलाकात ने पूरे परिवार की यात्रा को यादगार बना दिया।
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इस रोमांचक अनुभव को सुरक्षित और सफल बनाने में सफारी वाहन चालक शिवशंकर सोनवानी तथा गाइड निरंजन साकत की अहम भूमिका रही। उनके अनुभव और सतर्कता के कारण पर्यटक सुरक्षित दूरी से बाघ का अवलोकन कर सके। पर्यटकों ने इस अद्भुत क्षण को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद किया।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि घने जंगलों, पक्षियों की आवाजों और प्राकृतिक वातावरण के बीच बाघ का दर्शन उनके जीवन के सबसे रोमांचक अनुभवों में से एक रहेगा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी सदस्य इस सफारी को लेकर बेहद उत्साहित दिखाई दिए।
संरक्षण के बेहतर परिणाम, बढ़ रहा वन्यजीवों का कुनबा..
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अचानकमार टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक आवास प्रबंधन के सकारात्मक परिणाम अब साफ दिखाई दे रहे हैं। यही वजह है कि यहां पर्यटकों को समय-समय पर बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर, सांभर और चीतल सहित कई वन्यजीवों के दर्शन हो रहे हैं। वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण यह क्षेत्र देशभर के प्रकृति एवं वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
15 जून तक ही मिलेगा सफारी का मौका..
वन विभाग के अनुसार, मानसून आगमन के साथ ही 15 जून के बाद अचानकमार टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाएगा। वर्षा ऋतु में जंगल के कच्चे मार्ग फिसलन भरे हो जाते हैं और वन्यजीवों के प्रजनन एवं प्राकृतिक गतिविधियों को सुरक्षित वातावरण देने के उद्देश्य से हर वर्ष सफारी संचालन स्थगित किया जाता है।
गर्मी के अंतिम दिनों में जंगल के जल स्रोतों के आसपास वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिससे उन्हें देखने की संभावना भी अधिक रहती है। यही कारण है कि मानसून से पहले का यह समय जंगल सफारी के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
प्रकृति प्रेमियों के लिए सुनहरा अवसर..
अगर आप भी जंगल के राजा को उसके प्राकृतिक आवास में देखने का रोमांच महसूस करना चाहते हैं, तो यह सबसे बेहतर समय है। मानसून बंदी से पहले बचे हुए कुछ दिन वन्यजीव प्रेमियों के लिए किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं हैं।
अचानकमार टाइगर रिजर्व एक बार फिर साबित कर रहा है कि छत्तीसगढ़ की यह धरोहर रोमांच, जैव विविधता और प्रकृति की अद्भुत सुंदरता का अनमोल संगम है।



