

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य की रजत जयंती के मौके पर जिस बड़े सड़क प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी गई थी उसका काम अब धरातल पर दिखने लगा है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने 3147 करोड़ रुपये की लागत वाले इस मेगा प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू कर दिया है. यह सड़क पत्थलगांव कुनकुरी से लेकर छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा तक बनाई जा रही है.

छत्तीसगढ़ से गुजरेगा सबसे लंबा हिस्सा..

यह प्रोजेक्ट रायपुर धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है. इस पूरे कॉरिडोर की कुल लंबाई 627 किलोमीटर है. इसका सबसे बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ के हिस्से में आया है जो लगभग 384 किलोमीटर लंबा है. फिलहाल पत्थलगांव से लेकर झारखंड बॉर्डर तक के 104 किलोमीटर लंबे हिस्से पर मशीनों और मजदूरों ने मोर्चा संभाल लिया है और निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है.
सफर को सुरक्षित बनाएंगी 382 संरचनाएं..

इस नए हाईवे को पूरी तरह से बाधारहित और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक डिजाइन का उपयोग किया जा रहा है. इस 104 किलोमीटर के हिस्से में 382 छोटी बड़ी संरचनाएं बनाई जाएंगी. हाईवे पर 7 बड़े पुल 30 छोटे पुल और 6 शानदार फ्लाईओवर का निर्माण होगा. इसके अलावा लोगों और मवेशियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई अंडरपास भी बनाए जा रहे हैं. इनमें गाड़ियों के लिए 10 बड़े अंडरपास 18 छोटे अंडरपास और पैदल चलने वालों के लिए 21 अंडरपास शामिल हैं. पानी की निकासी और सड़क की मजबूती के लिए 278 बॉक्स पुलिया भी बनेंगी.
व्यापार और कनेक्टिविटी को मिलेगी नई उड़ान..
कोरबा प्रोजेक्ट यूनिट के निदेशक डीडी पार्लावर के मुताबिक यह सड़क पूरे रायपुर धनबाद कॉरिडोर की रीढ़ की हड्डी है. उन्होंने साफ किया है कि इस प्रोजेक्ट को हर हाल में तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बनने से छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी काफी मजबूत हो जाएगी जिससे व्यापारिक परिवहन को बड़ी राहत मिलेगी.
जशपुर जिले के लिए साबित होगी लाइफलाइन..
इस मेगा प्रोजेक्ट से सबसे बड़ा फायदा जशपुर जिले को होने वाला है. यह हाईवे अंचल के अहम शहरों जैसे पत्थलगांव,कांसाबेल,कुनकुरी दुलदुला और जशपुर को एक ही धागे में पिरोने का काम करेगा. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक शहर जैसे रायपुर बिलासपुर रायगढ़ और कोरबा सीधे झारखंड के इंडस्ट्रियल हब धनबाद से जुड़ जाएंगे.
रोजगार और विकास के खुलेंगे नए रास्ते..
यह हाईवे सिर्फ एक सड़क नहीं बल्कि विकास का नया रास्ता है. तेज और सुरक्षित सफर से लोगों के समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी. छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच मौजूद कोयला खदानों और कोरबा रायगढ़ जशपुर रांची और जमशेदपुर के बड़े स्टील प्लांट को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा. कच्चे माल और तैयार सामानों की ढुलाई आसान होने से इलाके में आर्थिक विकास को पंख लगेंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और व्यवसाय के अनगिनत नए अवसर पैदा होंगे.



