

विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित करने, अवैध फीस वसूली और मान्यता में गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोपों की होगी गहन पड़ताल..

बिलासपुर। जिले में संचालित निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। NSUI के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह की शिकायत के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए KPS School Group, St. Xaviers School Group और Achiever School Group के खिलाफ अलग-अलग जांच समितियों का गठन किया है।


यह निर्णय उन लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर लिया गया है, जिनमें इन स्कूलों पर कई तरह की अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यात्मक होगी तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पॉइंट टू पॉइंट होगी जांच..
गठित जांच समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक आरोप की बारीकी से जांच करें। इसमें स्कूलों की मान्यता, फीस संरचना, परीक्षा प्रक्रिया, प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय लेन-देन तक सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
ये हैं प्रमुख आरोप..
शिकायत में कई गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से एक स्थान की मान्यता लेकर अन्य स्थानों पर बिना अनुमति स्कूल संचालन।
शासन के निर्देशों के बावजूद विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में शामिल न करना।
अभिभावकों और छात्रों को गलत जानकारी देकर गुमराह करना।
नियमों के विपरीत मनमानी और अत्यधिक फीस वसूली।
निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाना।
वित्तीय पारदर्शिता का अभाव।
शासन के आदेशों की अनदेखी और अन्य प्रशासनिक लापरवाहियां।
विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा मामला।
रंजेश सिंह ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक मामला नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्कूल प्रबंधन शिक्षा को व्यवसाय बनाकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि NSUI विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कड़ी कार्रवाई की मांग..
रंजेश सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ जल्द से जल्द पूरी की जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित स्कूलों की मान्यता रद्द करने सहित सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
आंदोलन की चेतावनी..

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में देरी होती है या कार्रवाई में ढिलाई बरती जाती है, तो NSUI द्वारा जिलेभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अभिभावकों से अपील..
अंत में उन्होंने अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की अनियमितता का सामना करना पड़ रहा है, तो वे आगे आकर इसकी जानकारी दें। इससे दोषी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बन गया है और सभी की निगाहें जांच समितियों की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जो यह तय करेगी कि आरोप कितने सही हैं और आगे क्या कार्रवाई होगी।



